K. Durga Rao.
गम्हरिया। झारखंड आंदोलन के महानायक एवं वीर शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर गम्हरिया के कुनाबेड़ा चौक एवं दुर्गापूजा मैदान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। झामुमो नेता एवं शिक्षाविद प्रो. कालीपद सोरेन (के.पी. सोरेन) ने समर्थकों के साथ शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा एवं चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर प्रो. कालीपद सोरेन ने कहा कि शहीद निर्मल महतो ने झारखंड की अस्मिता, अधिकार, सम्मान तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उनका संघर्ष केवल अलग झारखंड राज्य के निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों के लिए भी लगातार संघर्षरत रहे।
उन्होंने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद भी शहीद निर्मल महतो के कई सपने अधूरे हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना, युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों की रक्षा करना आज भी बड़ी जिम्मेदारी है। उनके अधूरे सपनों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने “वीर शहीद निर्मल महतो अमर रहें” सहित विभिन्न नारे लगाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उपस्थित लोगों ने उनके संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए झारखंड के विकास, सामाजिक न्याय और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
मौके पर सुकलाल महतो, मृत्युंजय महतो, गौतम मंडल, रोहन सिंह सरदार, करण, सूरज सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता, समर्थक एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।





