Patna: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर 9 और 10 अगस्त को पटना में राज्य स्तरीय दो दिवसीय कार्यशाला सह चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रखंड, जिला और राज्य स्तर के 400 से अधिक शिक्षा अधिकारी भाग लेंगे। कार्यशाला में नई शिक्षा नीति के साथ डिजिटल शिक्षा, एआई आधारित तकनीक और विद्यालयों में सुधार से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी।
किन विषयों पर होगा मंथन?
दो दिवसीय कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, स्मार्ट क्लास, ई-शिक्षा कोष एवं एचआरएमएस का एकीकरण, शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, आईआईटी आधारित प्रयोगशालाएं, डिजिटल नवाचार, सौर ऊर्जा, विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा, व्यावसायिक शिक्षा, स्वास्थ्य जांच, पोषण और स्वच्छता जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।
नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की बनेगी रणनीति
कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में किए जा रहे नीतिगत बदलावों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षा प्रशासकों और अधिकारियों का क्षमता निर्माण करना है। इसके साथ ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य और उसमें बिहार की भूमिका से संबंधित विषयों पर भी चर्चा होगी।
नई शिक्षा नीति के प्रमुख घटकों जैसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समता, समावेशिता और डिजिटल साक्षरता को राज्य की शैक्षणिक नीतियों के साथ बेहतर तरीके से जोड़ने की रणनीति तैयार की जाएगी।
डिजिटल शिक्षा और एआई पर रहेगा विशेष फोकस
कार्यशाला के दौरान कक्षा शिक्षण से लेकर प्रशासनिक प्रबंधन तक आधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) और एआई आधारित तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर निर्धारित शैक्षणिक अधिगम परिणामों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने की रणनीति पर भी चर्चा होगी।
चिंतन शिविर से क्या होगा फायदा?
शिक्षा विभाग के अनुसार, इस चिंतन शिविर के बाद जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों के पास नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट कार्ययोजना होगी। इसके अलावा शिक्षा प्रशासक डिजिटल तकनीकों और आधुनिक नवाचारों के उपयोग में अधिक सक्षम होंगे, जिससे सरकारी विद्यालयों में बच्चों के सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने में मदद मिलेगी।




