रांची: राज्य की राजधानी रांची के सबसे पुराने और प्रमुख व्यावसायिक केंद्र अपर बाजार के सुव्यवस्थित पुनर्विकास, जीर्णोद्धार और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक व्यापारिक परिसर विकसित करने की दिशा में रांची नगर निगम (RMC) ने पहल तेज कर दी है। इसी कड़ी में 6 अगस्त 2026 को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स (JCoC), ट्रेड यूनियन, अपर बाजार के व्यवसायियों और निगम अधिकारियों के बीच एक उच्चस्तरीय और सकारात्मक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य किसी एक पक्ष पर निर्णय थोपना नहीं, बल्कि सभी हितधारकों की सहभागिता से एक ऐसा व्यावहारिक और सर्वमान्य समाधान तैयार करना है, जिससे अपर बाजार का आधुनिक विकास भी हो सके और स्थानीय व्यापारियों के व्यावसायिक हित भी पूरी तरह सुरक्षित रहें।
608 दुकानों के सर्वे में सामने आईं कई अनियमितताएं
बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम की स्वामित्व वाली लगभग 4.39 एकड़ भूमि पर संचालित 608 दुकानों का विस्तृत सर्वे और अभिलेखों का सूक्ष्म परीक्षण कराया गया है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों को व्यवसायियों के साथ साझा किया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं:
- लगभग 180 निगम दुकानों का संचालन मूल आवंटनधारियों के स्थान पर अन्य व्यक्तियों या उनके रिश्तेदारों द्वारा किया जा रहा है।
- लगभग 30 दुकानों के अवैध हस्तांतरण के मामले पाए गए हैं।
- बिना अनुमति के कई दुकानों पर स्थायी व बहुमंजिला निर्माण और वर्षों से किराया बकाया रहने जैसी गड़बड़ियां चिह्नित की गई हैं।
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने स्पष्ट किया कि इन तथ्यों को साझा करने का उद्देश्य किसी को भयभीत करना नहीं, बल्कि वास्तविक स्थिति को पारदर्शी तरीके से सामने रखना है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नियमों का पालन करने वाले वैध व्यापारियों के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी, जबकि सार्वजनिक संपत्ति से जुड़ी अनियमितताओं पर विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
बैठक में लिए गए 3 प्रमुख सर्वसम्मत निर्णय:
- 7 दिनों में सुझाव: झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स, ट्रेड यूनियन और व्यापारी प्रतिनिधि 7 दिनों के भीतर अपर बाजार पुनर्विकास के संबंध में अपने विस्तृत और समाधान-आधारित सुझाव नगर निगम को सौंपेंगे।
- बिहारी धर्मशाला में विशेष कैंप: बकाया किराये के भुगतान और अभिलेखों के अद्यतनीकरण (Update) के लिए रांची नगर निगम द्वारा बिहारी धर्मशाला में एक विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें 31 मार्च 2026 तक के बकाया किराये की वसूली की जाएगी।
- विस्तृत कार्ययोजना का निर्माण: प्राप्त सुझावों और भूमि अभिलेखों के आधार पर पुनर्विकास की एक समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसमें सभी पक्षों के हितों और कानूनी प्रावधानों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
नगर आयुक्त ने कहा कि अपर बाजार केवल व्यापार का केंद्र नहीं, बल्कि रांची शहर की ऐतिहासिक और आर्थिक पहचान है। संवाद, पारदर्शिता और सहभागिता के जरिए इसे आने वाले दशकों के लिए एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अत्याधुनिक कमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, उप नगर आयुक्त रवींद्र कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





