रांची: षष्ठम झारखंड विधानसभा के षष्ठम (मॉनसून) सत्र को सुचारू, सार्थक और परिणामकारक ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से सत्ताधारी दल ने अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप दे दिया है। इस सिलसिले में रांची स्थित डॉ. श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान (ATI) में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में सत्ता पक्ष के मंत्रियों और विधायकों की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
सत्र के सुचारू संचालन पर मंथन
बैठक के दौरान 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक चलने वाले 5 दिवसीय मॉनसून सत्र को लेकर विभिन्न जनहित के मुद्दों, विधायी कार्यों और रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी मंत्रियों और विधायकों से सत्र के दौरान मुस्तैद रहने तथा सदन की कार्यवाही में सक्रिय एवं सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
जनता के मुद्दों और विपक्ष के सवालों की तैयारी
सदन के भीतर विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले संभावित सवालों और हंगामे का तथ्यपूर्ण और मजबूती से जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष ने अपनी संयुक्त रूपरेखा तैयार की है। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को सदन के पटल पर मजबूती से रखा जाए, ताकि राज्य की जनता तक सही संदेश पहुंचे।
जनतांत्रिक मूल्यों और संसदीय मर्यादा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा राज्य की पौने चार करोड़ जनता की आकांक्षाओं को व्यक्त करने का सबसे बड़ा मंच है। सरकार हर जनहित के मुद्दे पर पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ चर्चा के लिए तैयार है। बैठक में शामिल मंत्रियों और विधायकों ने एकसुर में प्रतिबद्धता जताई कि वे विधायी कार्यों को गति देने और राज्य के विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ उठाने का काम करेंगे। इस बैठक में राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री, सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायक और दल के प्रमुख नेता उपस्थित रहे।





