Ranchi: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने निर्वाचन सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी (डीईओ), निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (AERO), एडिशनल एईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के इन्यूमरेशन चरण के बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक चलने वाली दावा-आपत्ति प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि दावा-आपत्ति चरण में प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध सत्यापन किया जाए। मतदाता की पहचान, जन्मतिथि, सामान्य निवास स्थान और घोषणा-पत्र का सत्यापन उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा।
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अन-मैप्ड मामलों में नोटिस देकर होगा सत्यापन
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि जिन मामलों में अन-मैप्ड या अन्य तार्किक विसंगतियां सामने आएंगी, उनमें संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे। इसके बाद संबंधित ईआरओ और एईआरओ उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर तार्किक आदेश पारित करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सत्यापन की पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पूरी की जाए।
5 अगस्त से नए मतदाताओं के आवेदन भी होंगे स्वीकार
के. रवि कुमार ने बताया कि 5 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद नए पात्र मतदाताओं से फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र लिए जाएंगे। इसके अलावा, झारखंड के सामान्य निवासी ऐसे मतदाता जिनका नाम किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है, वे फॉर्म-8 और घोषणा-पत्र भरकर अपना नाम झारखंड की मतदाता सूची में स्थानांतरित करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का ईआरओ और एईआरओ स्तर पर सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।
इन दस्तावेजों के आधार पर होगा सत्यापन
दावा-आपत्ति प्रक्रिया के दौरान पहचान और पात्रता के सत्यापन के लिए केंद्र या राज्य सरकार तथा सार्वजनिक उपक्रमों के पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ), जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या आवास आवंटन प्रमाण-पत्र सहित भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अन्य दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की निर्वाचक नामावली के संबंधित अंश को भी सुपीरियर डॉक्यूमेंट के रूप में मान्यता दी गई है।
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो, यह सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, लोहरदगा के उप निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार, धनबाद के उप निर्वाचन पदाधिकारी कालिदास मुंडा, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित राज्य के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के ईआरओ, एईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारी मौजूद रहे।





