Tokyo, Japan: जापान के दक्षिण-पश्चिमी कुमामोटो क्षेत्र में मंगलवार शाम 4:27 बजे 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसके बाद कई इमारतें ढह गईं और अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं। काशिमा कस्बे के एक बड़े शॉपिंग मॉल की दूसरी मंजिल ढहने के बाद 20 से 30 कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है और उनके फंसे होने की आशंका जताई गई है। मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 7.1 दर्ज की गई। जापानी शिंडो स्केल पर इसकी तीव्रता उच्चतम स्तर 7 तक पहुंची।
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मॉल की दूसरी मंजिल ढही, कई लोगों से संपर्क नहीं
भूकंप के बाद काशिमा कस्बे में स्थित एक बड़े शॉपिंग मॉल की दूसरी मंजिल ढह गई। मॉल के 20 से 30 कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है और उनके मलबे में फंसे होने की आशंका है। इसके अलावा एक प्रमुख पेपर उद्योग की फैक्ट्री की चिमनी का ऊपरी हिस्सा गिर गया। इसके बाद वहां भी कई कर्मचारियों के लापता होने की बात कही गई है।
घायलों से भरे अस्पताल, इलाज में भी बाधा
आपदा के बाद प्रभावित इलाकों के अस्पतालों में घायलों को पहुंचाया गया। प्रमुख अस्पतालों में 50 से अधिक गंभीर रूप से घायल लोग पहुंचे, जिन्हें झुलसने और हड्डियां टूटने जैसी चोटें आई हैं। कई अस्पतालों में पानी के रिसाव और बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण इलाज में भी परेशानी हो रही है। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रहे हैं।
3,600 सैन्य कर्मी और 20 विमान तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में 3,600 सैन्य कर्मियों और 20 विमानों को तैनात किया गया है। भूकंप से बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कुमामोटो क्षेत्र में लगभग 45,000 घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। हाई-स्पीड शिनकानसेन यानी बुलेट ट्रेन सेवाओं को भी तुरंत निलंबित कर दिया गया। बंद किए गए कुमामोटो एयरपोर्ट को स्थिति की समीक्षा के बाद दोबारा चालू कर दिया गया है।
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सुनामी की चेतावनी बाद में वापस ली गई
भूकंप के बाद शुरुआत में मौसम एजेंसी ने एक मीटर ऊंची सुनामी की चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। परमाणु नियामक प्राधिकरण ने क्षेत्र में संचालित तीनों परमाणु रिएक्टरों के सुरक्षित होने और सामान्य रूप से काम करने की पुष्टि की है। राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में लगातार जुटे हुए हैं।




