फॉण्ट कनवर्टर NEW

मानगो निगम के खिलाफ धरना, सरयू राय बोले- जनता नहीं, निजी हित हावी

Jamshedpur News: मानगो नगर निगम की कार्यप्रणाली, विकास योजनाओं में कथित अनियमितताओं और जनहित के मुद्दों को लेकर सोमवार को जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से आयोजित तथा भारतीय जनता पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और आजसू पार्टी के समर्थन से मानगो नगर निगम कार्यालय

अपनी भाषा में पढ़ें

Jamshedpur News: मानगो नगर निगम की कार्यप्रणाली, विकास योजनाओं में कथित अनियमितताओं और जनहित के मुद्दों को लेकर सोमवार को जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से आयोजित तथा भारतीय जनता पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और आजसू पार्टी के समर्थन से मानगो नगर निगम कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने नगर निगम की कार्यशैली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मानगो नगर निगम अब नगर निकाय की तरह नहीं बल्कि एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह संचालित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चुनिंदा लोगों के इशारे पर निगम का संचालन हो रहा है, जिससे जनता के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

धरने को संबोधित करते हुए सरयू राय ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और विकास कार्यों को गति देना है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में जनहित की जगह निजी हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ अधिकारी वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए किसी विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की मानसिकता से काम कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार करें, क्योंकि प्रशासनिक पदों का उपयोग किसी राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए नहीं किया जा सकता।

उन्होंने नगर निगम द्वारा 38 विकास योजनाओं को शुरू नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का विधिवत शिलान्यास हो चुका है, उन्हें लागू करने से आखिर नगर निगम क्यों पीछे हट रहा है। यदि कोई तकनीकी या प्रशासनिक बाधा है तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को विकास कार्यों से वंचित रखना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

सरयू राय ने रविवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता का भी उल्लेख किया और कहा कि जिस व्यक्ति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, वह नगर निगम का कर्मचारी या अधिकृत प्रतिनिधि नहीं है। इसके बावजूद उसके पास निगम के गोपनीय दस्तावेज कैसे पहुंचे, यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि गोपनीय दस्तावेजों का इस प्रकार बाहर जाना नियमों का उल्लंघन है और इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। उन्होंने निगम प्रशासन से पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की।

उन्होंने नगर निगम में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि योजनाओं के लिए सरकार से मिलने वाली राशि और करदाताओं के पैसे का सही उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि कई योजनाएं अधूरी छोड़ दी जाती हैं, लेकिन उनका पूरा भुगतान कर दिया जाता है और कमीशनखोरी का खेल चलता रहता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि नालों की सफाई के नाम पर केवल लगभग 10 प्रतिशत कार्य हुआ, जबकि अधिकांश नालों की सफाई नहीं हुई, इसके बावजूद पूरी राशि खर्च दिखा दी गई।

विधायक ने बताया कि उन्होंने नगर विकास मंत्री को सुझाव दिया है कि नगर निगम के कार्यों को दो भागों में विभाजित किया जाए। एक भाग में नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य और दूसरे भाग में विकास योजनाओं को रखा जाए, ताकि दोनों क्षेत्रों में जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि इस सुझाव पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।

सरयू राय ने यह भी कहा कि नगर निगम के भीतर ही बड़ी संख्या में पार्षद वर्तमान कार्यशैली से असंतुष्ट हैं। उन्होंने दावा किया कि असंतुष्ट पार्षदों का अलग समूह बन चुका है और यदि वे चाहें तो मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें पद से हटा सकते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना नहीं बल्कि व्यवस्था में सुधार लाना है।

उन्होंने ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ ठेकेदार अपनी गलतियों को छिपाने के लिए अधिकारियों को पैसे देते हैं, जो भ्रष्टाचार का गंभीर मामला है। उन्होंने ठेकेदारों को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि इससे भविष्य में उन्हें कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि अपर नगर आयुक्त उनकी ओर से भेजे गए पत्रों का जवाब नहीं देते, जबकि जनप्रतिनिधियों के पत्रों का उत्तर देना प्रशासनिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि यदि विधायक और सांसदों के पत्रों की लगातार अनदेखी की जाती है तो इसके लिए विधायी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई का भी प्रावधान है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से कहा कि अब भी समय है, यदि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम किया जाए तो जनता का विश्वास दोबारा जीता जा सकता है।

धरने को संबोधित करते हुए भाजपा नेता अभिनव सिंह ने कहा कि मेयर को यह समझना चाहिए कि उनके अपने पार्षद भी उनकी कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि विकास कार्य कराने में कठिनाई हो रही है तो मेयर को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। आजसू के जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने आरोप लगाया कि मेयर के पदभार संभालने के बाद से मानगो में विकास कार्य लगभग ठप हो गए हैं। उन्होंने कहा कि विधायक मद की योजनाओं में भी बाधा उत्पन्न की जा रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पूर्व मेयर प्रत्याशी संध्या सिंह ने कहा कि मेयर सुधा गुप्ता मानगो की स्थानीय परिस्थितियों और गलियों से भली-भांति परिचित नहीं हैं, इसलिए वे दूसरों के बताए अनुसार निर्णय ले रही हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उनके पति नीरज सिंह द्वारा संचालित पानी के टैंकरों की सेवा को क्यों रोका गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता कम नहीं होगी।

धरने को रविंद्र सिंह सिसौदिया, पवन सिंह, अमृता मिश्रा, उषा यादव, शिरीन अख्तर, ममता सिंह, आफताब अहमद सिद्दिकी, सतीश सिंह, कुलविंदर सिंह पन्नू, लालू गौड़, प्रवीण सिंह, अजय कुमार और विकास साहनी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में आशुतोष राय, मुकुल मिश्रा, अशोक चौहान, विजय सिंह, ठाकुरजी, संजीव सिंह, आकाश शाह, उमाशंकर सिंह, अंजली सिंह, नीरज सिंह, अमित शर्मा, राजेश सिंह, दीपक, अनंत पांडेय, जीतेंद्र साव, मंजू सिंह, मुन्ना सिंह, राकेश लोधी, लक्ष्मी सरकार, अमरेंद्र पासवान, संजीव मुखर्जी, सत्येंद्र जी, केके महतो, निसार अहमद, किरण सिंह, संजय सिंह, अशोक कुमार, दीपू उर्फ उपेंद्र सिंह, जीतू सिंह परमार, राजू प्रजापति, तारक मुखर्जी, मनोज सिंह, बबुआ सिंह, शेषनाथ पाठक, हेमंत पाठक, सोनू सिंह, करण सिंह, राजेश पांडेय, जीतेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram