Patna: सीएम सम्राट चौधरी ने नालंदा स्थित बिहारशरीफ डेयरी परियोजना परिसर में 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले दही एवं लस्सी प्लांट, COMFED द्वारा संचालित HPCL पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने प्रतिदिन 1 करोड़ लीटर दुग्ध उत्पादन का लक्ष्य रखा है और ‘सुधा’ को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 300 खुदरा विक्रेताओं के बीच डीप फ्रीजर वितरित किए। पशु उठाव एवं परिवहन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ पशुपालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया। उन्होंने बिहारशरीफ स्थित सुधा डेयरी प्लांट का निरीक्षण किया।
नालंदा को डेयरी हब बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा की धरती ऐतिहासिक है और अखंड भारत में राजगीर मगध साम्राज्य की राजधानी थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करना है।
उन्होंने कहा कि दुग्ध क्षेत्र में नई क्रांति से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बिहार की मजबूत नींव रखी जाएगी। राज्य में दुग्ध क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है और सरकार ने प्रतिदिन 1 करोड़ लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
इसके लिए पशुपालकों को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण, उन्नत नस्ल, पशु स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत डेयरी अवसंरचना उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले दही एवं लस्सी प्लांट की स्थापना से किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि नालंदा को बिहार के प्रमुख दुग्ध उत्पादन एवं डेयरी प्रोसेसिंग केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयों, शीत श्रृंखला, विपणन नेटवर्क और नई परियोजनाओं पर काम किया जाएगा।
बकरी पालन के लिए बनेगा अलग फेडरेशन
मुख्यमंत्री ने बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए अलग फेडरेशन बनाने की घोषणा की। बकरी के दूध को फेडरेशन से जोड़कर उसके संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इससे बकरी पालन से जुड़े ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं की आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों द्वारा बकरी पालन के क्षेत्र में किए जा रहे काम का भी उल्लेख किया।
पशुओं को दुर्घटना की स्थिति में जल्द इलाज उपलब्ध कराने के लिए पशु उठाव वाहनों की व्यवस्था की जा रही है।
सभी प्रखंडों में पशु जन औषधि केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक प्रखंड में प्रधानमंत्री पशु जन औषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके जरिए पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण पशु औषधियां उपलब्ध कराने की योजना है।
उन्होंने बताया कि सभी प्रखंडों में पशुओं की दवा उपलब्ध कराने के लिए 1000 केंद्र बनाए जाएंगे।
‘सुधा’ को अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड बनाने का लक्ष्य
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य केवल राज्य में दूध और दुग्ध उत्पादों की जरूरत पूरी करना नहीं है, बल्कि ‘सुधा’ को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना भी है। गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक, मूल्य संवर्द्धन और निर्यात क्षमता बढ़ाकर बिहार के दुग्ध उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की बात उन्होंने कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के कुल दुग्ध उत्पादन में बिहार का हिस्सा 25 प्रतिशत है। बिहार में 2500 नई समितियों का गठन किया गया है।
उन्होंने बताया कि 200 स्थानों पर सुधा के नए आउटलेट खोले जाने हैं। इनमें से 88 के लिए स्थान का चयन हो चुका है। पिछले छह-सात महीने में करीब 2000 दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन किया गया है।
सभी गांवों में उपलब्ध सरकारी जमीन पर ग्रामीण हाट लगाने की भी बात कही गई, जहां दूध, सब्जी और मछली की बिक्री होगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि शुरू की गई परियोजनाएं राज्य में श्वेत क्रांति को नई गति देंगी और पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ विकसित एवं समृद्ध बिहार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर विधायक डॉ. जितेंद्र कुमार, पूर्व विधायक इं. सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, पशुपालन विभाग के निदेशक उज्वल कुमार सिंह, जिलाधिकारी उदिता सिंह और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में COMFED के पदाधिकारी, जीविका दीदियां, दुग्ध उत्पादक किसान और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।




