NEET पेपर लीक प्रदर्शन पर हाई लेवल बैठक, बिहार में सुरक्षा और संवाद पर जोर

NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों को लेकर बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने उच्चस्तरीय बैठक में सभी डीएम, एसपी और पुलिस अधिकारियों को छात्रों से संवाद, संवेदनशीलता, अफवाहों पर रोक और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।

Patna: NEET पेपर लीक मामले को लेकर पटना समेत बिहार के विभिन्न जिलों में जारी विरोध प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार तथा सभी जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस उप-महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक में अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ स्थिति संभालने, छात्रों से संवाद बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए।

छात्रों से संवाद और संवेदनशीलता पर जोर

पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन ने अधिकारियों से कहा कि वे छात्रों और छात्र नेताओं से सीधे संवाद स्थापित करें तथा उनकी समस्याओं को सहानुभूतिपूर्वक सुनें। उन्होंने अंबेडकर हॉस्टलों और विभिन्न अंबेडकर स्टूडेंट फोरम्स में जाकर छात्रों से बातचीत करने के भी निर्देश दिए, ताकि उनके बीच फैली किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति दूर की जा सके।

उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान बल प्रयोग को अंतिम विकल्प के रूप में रखा जाए और प्राथमिकता शांतिपूर्ण संवाद तथा स्थिति को नियंत्रित करने पर हो।

संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश

कुंदन कृष्णन ने रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और अधिक भीड़ वाले स्थानों को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने उपद्रवी और हिंसक तत्वों की पहचान के लिए पोस्टर और तस्वीरें जारी करने तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक और भड़काऊ सामग्री की कड़ी निगरानी करने को कहा।

इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों, वीडियोग्राफी और अन्य तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

डीजीपी ने सुरक्षा संसाधन मजबूत रखने को कहा

पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने सभी जिलों में दंगा नियंत्रण उपकरणों और पर्याप्त पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोचिंग संस्थानों से ऑनलाइन और ऑफलाइन उपस्थिति का लिखित ब्योरा लेने तथा उनकी भूमिका की जांच करने को भी कहा।

उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर शांति भंग करने के आरोप में 117 संदिग्ध व्यक्तियों की तस्वीरें जारी कर पुलिस मुख्यालय स्तर पर निगरानी की जा रही है। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सीसीटीवी और वीडियो कैमरों की व्यवस्था तथा जिला मुख्यालय और पुलिस बल के बीच निरंतर संचार बनाए रखने पर भी जोर दिया।

मुख्य सचिव ने डीएम-एसपी को दिए निर्देश

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निर्दोष छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उन्होंने अधिकारियों से अफवाहों और भ्रामक खबरों का तत्काल आधिकारिक माध्यमों से खंडन करने को कहा। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी असामाजिक तत्व को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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