राजीव लोचन बख्शी के खिलाफ लोकायुक्त पहुंचे बाबूलाल मरांडी, FIR और SIT जांच की मांग

बाबूलाल मरांडी का आरोप- "जाली मस्टर रोल और सरकारी धन की लूट में शामिल हैं IFS बख्शी"

रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी राजीव लोचन बख्शी के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए लोकायुक्त का रुख किया है। मरांडी ने लोकायुक्त को साक्ष्यों सहित पत्र सौंपकर आईएफएस अधिकारी के विरुद्ध तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने, विशेष जांच दल (SIT) का गठन करने और फॉरेंसिक ऑडिट कराने की पुरजोर मांग की है।

लोकायुक्त को भेजे गए पत्र में बाबूलाल मरांडी ने लिखा कि प्रदेश में प्रशासनिक भ्रष्टाचार चरम पर है और एक जनप्रतिनिधि तथा नेता प्रतिपक्ष होने के नाते भ्रष्ट अधिकारियों का कच्चा चिट्ठा सक्षम प्राधिकार के समक्ष लाना उनका संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने 25 मार्च को एसीबी (ACB) के अपर पुलिस महानिदेशक और 13 अप्रैल को राज्य के राज्यपाल को पत्र लिखकर राजीव लोचन बख्शी के वित्तीय घोटालों तथा प्रशासनिक कदाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने की अपील की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

मरांडी ने आरोप लगाया कि आईएफएस राजीव लोचन बख्शी नियमों के पालन के बजाय सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग में लिप्त रहे हैं। वर्तमान में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में प्रमुख जिम्मेदारियां संभाल रहे इस अधिकारी पर अपने काले कारनामों को छिपाने और बेरोकटोक भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए गए हैं।

पत्र में झारखंड महालेखाकार (AG) की ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए मरांडी ने बताया कि रांची वन प्रमंडल में वर्ष 2013 से 2018 के बीच बख्शी के कार्यकाल के दौरान जाली मस्टर रोल के जरिए फर्जी भुगतान किए गए। इसके अलावा अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर वन भूमि का अपयोजन करने, कैंपा (CAMPA) मद के करोड़ों रुपये का लेखा-जोखा समर्पित न करने और योजना मद में फर्जी सामग्री की खरीदारी करने जैसी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। मरांडी ने लोकायुक्त से अविलंब कार्रवाई कर न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

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