रांची: झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में कथित गड़बड़ियों व धांधली को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्ताधारी कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव चरम पर पहुंच गया है। दोनों प्रमुख दलों के बीच जारी यह सियासी घमासान अब सीधे सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन के रूप में नजर आ रहा है।
बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के किए गए घेराव के जवाब में, गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले को केंद्र में रखकर भाजपा प्रदेश मुख्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान हरमू रोड स्थित भाजपा कार्यालय के आसपास स्थिति उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के लिए लगाई गई मजबूत बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और आगे बढ़ गए।
बैरिकेडिंग टूटने के बाद दोनों राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सीधे आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से तीखी नारेबाजी शुरू हुई, जो जल्द ही उग्र हंगामे में बदल गई। इस दौरान दोनों पक्षों की तरफ से एक-दूसरे पर पानी की बोतलें, टमाटर, अंडे और पथराव किए गए। धक्का-मुक्की के बाद लाठी-डंडे चलने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हिंसक झड़प की कवरेज कर रहे दो मीडियाकर्मियों के भी चोटिल होने की खबर है।
संभावित बवाल को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इलाके में बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों के तेवर के आगे व्यवस्था चरमरा गई। कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। इससे पहले बुधवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में निकले मार्च को पुलिस ने रोक दिया था।
प्रदर्शन के दौरान जहां भाजपा समर्थकों ने राज्य सरकार से युवाओं को न्याय देने की मांग की, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट घोटाले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। काफी मशक्कत के बाद पुलिस बलों ने दोनों पक्षों को अलग कर हरमू रोड पर स्थिति को नियंत्रण में लिया।




