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Bokaro News: सेल बीएसएल प्रबंधन तो समस्याओं पर मौन धारण किए ही हुए है , आरएमएचपी प्रबंधन भी है मौन
बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ के आरएमएचपी विभाग की बैठक शनिवार को दोपहर कैंटीन में संपन्न हुई । जिसमें विभाग के नियमित कर्मचारी भारी संख्या में उपस्थित हुए ।
बैठक में उपस्थित कर्मचारियों ने 2027 वेज रिवीजन, नई श्रम संहिता के अनुसार संयंत्र स्तर में कार्यसमिति निर्माण,2017 से लंबित वेज रिवीजन, एरियर, बोनस फॉर्मुला में सुधार , इंसेंटीव फॉर्मुला में सुधार , नए श्रम कानून को लागु करने से जुड़े मुद्दे पर चर्चा किया तथा यूनियन पदाधिकारियों से उपरोक्त विषयों पर जानकारी प्राप्त किया । वही आरएमएचपी विभाग की ज्वलंत स्थानीय समस्याओं पर विभाग के कर्मियों ने चर्चा किया । विभाग की ज्वलंत समस्याओं में जर्जर सड़क, ड्रेनेज समस्याँ , सुरक्षा उपकरणो की उपलब्धता , झाड़ियों की साफ सफाई , विभाग में खराब वाटर प्युरीफायर का अनुरक्षण तथा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता , कैंटीन शौचालय का जर्जर होना, वाकवे का जर्जर होना, सिंटर प्लांट की धूल की समस्या , इलेक्ट्रिकल सेक्शन के शौचालय की समस्या, अटेंडेंस सिस्टम में तीन बार से अधिक सुधार का मांग, सीलिंग फैन उपलब्ध नही होना, कम होता नियमित मैनपावर, टिपलर क्षेत्र रेस्ट रुम का अभाव, सेफ्टी शूज छह माह में बाटा, लिबर्टी /वुडलैंड का उपलब्ध कराने, रेनकोट प्रत्येक वर्ष उपलब्ध कराने, अग्नीरोधी ड्रेस उपलब्ध कराने , समान्य गलतियों पर भी कर्मचारियों को कारण बताओं नोटिस देने जैसे मुद्दे पर यूनियन पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया ।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने यूनियन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर तानाशाह प्रबंधन के विरुद्ध संघर्ष में साझिदार बनने हेतु सहमति दिया । बैठक अध्यक्ष दिलीप कुमार, उपाध्यक्ष मानिक राम मुंडा , महासचिव हरिओम , कोषाध्यक्ष राहुल प्रसाद साव , विभागिय प्रतिनिधि सागर कुमार सिंह उपस्थित होकर सभी सदस्यों को संबोधित किया ।
बयान,
सेल/ बीएसएल प्रबंधन की गलत कार्यशैली को अब आरएमएचपी प्रबंधन अपना चुका है । आरएमएचपी विभाग में भारी संख्या में स्थानीय समस्याएँ है । अगर उसको दूर नही किया गया तो हमारी यूनियन आंदोलन हेतु बाध्य होगी ।
हरिओम, महासचिव, बीएकेएस

