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Jamshedpur News: परसुडीह थाना क्षेत्र के संत रॉबर्ट स्कूल के समीप स्थित एक मकान में गुरुवार को दिनदहाड़े चोरी की कोशिश का मामला सामने आया। घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि कथित गुलगुलिया गैंग से जुड़ी दो महिलाएं एक मासूम बच्ची को साथ लेकर घर में दाखिल हुईं और चोरी की वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। हालांकि स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण दोनों महिलाओं को भागते समय पकड़ लिया और पिटाई कर दी।इस दौरान पुलिस के समय पर नहीं पहुंचने से उन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
पीड़ित मकान मालिक अमन कुमार ने बताया कि घटना के समय परिवार के सदस्य घर के दूसरे कमरे में मौजूद थे। इसी दौरान दो महिलाएं एक छोटी बच्ची के साथ घर में प्रवेश कर गईं। बच्ची को साथ होने के कारण किसी को उन पर संदेह नहीं हुआ। आरोप है कि पहले से बनाई गई योजना के तहत एक महिला घर के बाहर निगरानी करती रही, जबकि दूसरी महिला अंदर कमरे में पहुंच गई और अलमारी खोलकर उसमें रखी नकदी निकाल ली।
कुछ देर बाद परिजनों को घर के भीतर हलचल महसूस हुई। जब वे कमरे में पहुंचे तो दोनों महिलाएं तेजी से बाहर निकलकर भागने लगीं। परिवार के सदस्यों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों ने पीछा कर दोनों महिलाओं को कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी किए गए 500 रुपये भी बरामद होने की बात सामने आई।
घटना की सूचना तत्काल परसुडीह थाना पुलिस को दी गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद करीब 45 मिनट तक पुलिस की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्र हो गए। लोगों का कहना है कि भीड़ बढ़ने और किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए अंततः दोनों महिलाओं को छोड़ दिया गया।
घटना के बाद इलाके के लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी देखी गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी और संदिग्ध गतिविधियों की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन समय पर पुलिस नहीं पहुंचने से अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि परसुडीह थाना क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध लोगों की जांच की जाए और सक्रिय चोरी करने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल है। यदि पीड़ित परिवार की ओर से लिखित शिकायत दर्ज कराई जाती है तो पुलिस मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

