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Koderama News: मंजुला शर्मा मेमोरियल अकादमी, डोमचांच में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में योग के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक योगाभ्यास से हुआ। इस अवसर पर गायत्री परिवार के सम्मानित सदस्यों ने प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित होकर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को स्वस्थ, ऊर्जावान एवं तनावमुक्त बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
योग दिवस के उपलक्ष्य में विद्यालय द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिनमें पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं भाषण प्रतियोगिता प्रमुख थीं। विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा योग के महत्व को अपनी रचनात्मकता एवं विचारों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए पोस्टर एवं प्रस्तुत विचारों ने सभी को स्वस्थ जीवन के प्रति प्रेरित किया।
विद्यालय के निदेशक रजनीश जी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करने की एक वैज्ञानिक एवं प्रभावी पद्धति है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन योगाभ्यास करने तथा स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा दी।
विद्यालय के प्रशासक आर. पी. पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, प्रतिस्पर्धा एवं अस्वस्थ जीवनशैली के बीच योग का महत्व अत्यधिक बढ़ गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित योग एवं प्राणायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संदेश दिया तथा कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास संभव है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य ए. के. पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि योग आत्म-अनुशासन, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच का आधार है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि मानसिक संतुलन एवं भावनात्मक मजबूती भी प्रदान करता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को योग के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का वातावरण उत्साह, ऊर्जा एवं सकारात्मकता से परिपूर्ण रहा। विद्यार्थियों ने पूरे मनोयोग से योगाभ्यास किया तथा विभिन्न गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास करने तथा स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

