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Giridih: झारखंड के गिरिडीह जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सरिया स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल राजदह धाम में एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का प्रतीकात्मक श्राद्ध और पिंडदान कर दिया। बताया जा रहा है कि बेटी द्वारा परिवार की इच्छा के विरुद्ध प्रेम विवाह करने से आहत होकर पिता ने यह कदम उठाया।
जानकारी के अनुसार मामला कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाली एक युवती अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई और बाद में दोनों ने विवाह कर लिया। विवाह के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के जरिए परिवार को इस शादी की जानकारी मिली।
परिजनों के मुताबिक युवती की शादी 20 जून को तय थी और विवाह की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। परिवार रिश्तेदारों को निमंत्रण देने और अन्य व्यवस्थाओं में जुटा हुआ था। इसी बीच 12 जून की रात युवती अपने प्रेमी के साथ चली गई। कुछ दिनों बाद उसके प्रेम विवाह की खबर सामने आने पर परिवार को गहरा मानसिक और सामाजिक झटका लगा।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मंगलवार को युवती के पिता अपने परिजनों और गांव के कुछ लोगों के साथ गिरिडीह जिले के सरिया स्थित राजदह धाम पहुंचे। वहां उत्तरवाहिनी बराकर नदी के तट पर पुरोहितों की मौजूदगी में बेटी का प्रतीकात्मक चित्र तैयार कराया गया और विधि-विधान के साथ पिंडदान की प्रक्रिया पूरी की गई।
हिंदू परंपरा में पिंडदान और श्राद्ध आमतौर पर मृत व्यक्ति की आत्मा की शांति के लिए किया जाता है। ऐसे में जीवित बेटी के नाम पर इस प्रकार का अनुष्ठान किए जाने की घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई है।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे एक पिता की भावनात्मक पीड़ा और सामाजिक दबाव का परिणाम मान रहे हैं, जबकि अन्य लोगों का कहना है कि बदलते सामाजिक परिवेश में युवाओं और परिवारों के बीच संवाद की कमी कई बार ऐसे विवादों को जन्म देती है।
फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे सामाजिक, पारिवारिक और भावनात्मक दृष्टिकोण से देख रहे हैं।

