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झारखंड में ‘जल-युद्ध’ का ऐलान : सिर पर घड़ा और डेकची लेकर सड़कों पर उतरेंगे भाजपाई, 6 मई से आंदोलन

रांची: झारखंड की तपती गर्मी के बीच अब सियासी पारा भी चढ़ने वाला है। राज्य में गहराते बिजली संकट और पानी की गंभीर किल्लत को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता

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रांची: झारखंड की तपती गर्मी के बीच अब सियासी पारा भी चढ़ने वाला है। राज्य में गहराते बिजली संकट और पानी की गंभीर किल्लत को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने घोषणा की कि पार्टी 6 मई से 12 मई तक राज्य के सभी जिलों में जोरदार प्रदर्शन करेगी।

अनोखा विरोध : सिर पर बर्तन लेकर उतरेंगे कार्यकर्ता

इस बार भाजपा का विरोध प्रदर्शन काफी अलग और प्रतीकात्मक होने वाला है। आदित्य साहू ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता सिर पर खाली घड़े, डेकची और पानी ढोने वाले अन्य बर्तन लेकर सड़कों पर उतरेंगे। इसका उद्देश्य ‘कुंभकर्णी नींद’ में सोई हेमंत सोरेन सरकार को जगाना है। भाजपा का आरोप है कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं को सुलझाने के बजाय चुनावी दौरों में व्यस्त है।

खराब चापाकल और ‘नल-जल योजना’ पर उठाए सवाल

आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में लगभग 80 हजार चापाकल खराब पड़े हैं। सरकार का ’72 घंटे में मरम्मत’ का दावा पूरी तरह खोखला साबित हुआ है और सरकारी टोल-फ्री नंबर महज दिखावा बनकर रह गए हैं। उन्होंने केंद्र की ‘हर घर नल-जल योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड इस योजना के क्रियान्वयन में राष्ट्रीय औसत से 25% पीछे है और नीचे से दूसरे स्थान पर है।

फंड की कोई कमी नहीं, पर काम में ढिलाई

भाजपा ने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 2019 से 2025 के बीच झारखंड को करीब 13 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए, लेकिन राज्य सरकार इसमें से केवल 46 प्रतिशत राशि ही खर्च कर पाई। 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अभी भी बिना उपयोग के पड़ी है। ऐसे में केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाना पूरी तरह निराधार और राजनीतिक है।

आंदोलन का शेड्यूल:

  • 6 मई: गढ़वा, पलामू, लातेहार।

  • 7 मई: चाईबासा, जमशेदपुर, सरायकेला।

  • 8 मई: हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, रामगढ़।

  • 9 मई: संथाल परगना के जिले।

  • 11 मई: गिरिडीह, धनबाद, बोकारो।

  • 12 मई: रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा।

इस प्रेसवार्ता में अमर कुमार बाऊरी, भानु प्रताप शाही और आभा महतो जैसे दिग्गज नेता भी मौजूद रहे। भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक बिजली और पानी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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