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रांची: विकास के पहिये को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। शनिवार को समाहरणालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने आंतरिक संसाधनों से राजस्व संग्रहण (Revenue Collection) की गहन समीक्षा की। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों को देखते हुए यह साफ हो गया है कि रांची प्रशासन ने कई क्षेत्रों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है, हालांकि कुछ विभागों को कड़ी चेतावनी भी मिली है।
परिवहन और उत्पाद विभाग ने गाड़े झंडे
बैठक में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, परिवहन विभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने लक्ष्य का 115% हासिल किया है। ₹41,047.51 लाख के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले विभाग ने ₹47,501.13 लाख की वसूली की। वहीं, उत्पाद विभाग ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए 123.98% राजस्व संग्रहित किया। खनन विभाग भी पीछे नहीं रहा और लक्ष्य के विरुद्ध 129.60% की वसूली कर जिले के खजाने को मजबूती दी।
मत्स्य विभाग को मिली कड़ी चेतावनी
जहां परिवहन और खनन विभाग अपनी उपलब्धियों के लिए वाहवाही बटोर रहे थे, वहीं मत्स्य विभाग की प्रगति देख उपायुक्त ने नाराजगी जताई। विभाग अब तक केवल 60.52% राजस्व ही जुटा पाया है। इस पर श्री भजन्त्री ने संबंधित पदाधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि आगामी समय में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना सुनिश्चित करें, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी।
राजस्व संग्रहण जिला प्रशासन की प्राथमिकता
उपायुक्त ने बैठक में मौजूद अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार और अन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि “राजस्व संग्रहण जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।” उन्होंने निर्देश दिया कि नए वित्तीय वर्ष में भी इसी आक्रामकता के साथ प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि सरकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहें।
बैठक में नीलाम पत्र पदाधिकारी और रजिस्ट्रार सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख मौजूद थे। प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चोरी और कर वंचना को रोकने के लिए निगरानी और सख्त की जाएगी।

