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Bokar0: कसमार प्रखंड के दो मैट्रिक योग्यता के आधार पर चयनित हुए पारा शिक्षकों ने रेग्युलर इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण कर योग्यता बढाया। फिर इंटरमीडिएट सर्टिफिकेटों में छेड़छाड़ कर रेग्युलर (RA) को प्राइवेट (PA) कर दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब शिक्षा विभाग द्वारा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) रांची में सत्यपान कराया गया।
क्यों क्या जालसाजी
नियमानुसार, किसी सरकारी विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज कर सेवा देते हुए किसी शिक्षक को उसी समय किसी दूसरे विद्यालय में नियमित रूप से नामांकन कराकर परीक्षा उत्तीर्ण करना अवैध है। मैट्रिक आधार चयनित पारा शिक्षक हीरालाल महतो एवं रेखा कुमारी को जब इस नियम की जानकारी हुई तो दोनों पारा शिक्षकों ने बड़ी चतुराई पूर्वक अपने इंटरनेट सर्टिफिकेट के पंजीयन को जालसाजी कर क्रमशः RA-0064/2005 को PA-0064/2005 तथा RA-0142-04 को PA-0142-04 कर दिया है।
न्युनतम आयु 18 वर्ष की जगह 17 वर्ष में ही हुआ चयन
ग्राम शिक्षा समिति, रूगड़ीटांड़ ग्राम- रांगमाटी में दिनांक 01.11.2004 को गठित ग्राम शिक्षा समिति द्वारा मैट्रिक उत्तीर्ण अंडर ऐज अभ्यर्थी रेखा कुमारी (जन्मतिथि 04.04.1987) का चयन न्यूनतम आयु 18 वर्ष की जगह 17 वर्ष में कर लिया गया।
ग्राशिस से पूर्व ही प्रशिस में हो गया अनुमोदन
नियमानुसार पहले पारा शिक्षकों का चयन पहले ग्राम शिक्षा समिति (वीइसी) द्वारा ग्राम सभा के माध्यम से चयनित करने के बाद प्रखंड शिक्षा समिति (बीइसी) द्वारा अनुमोदित कर जिला शिक्षा समिति भेजने का प्रावधान है। लेकिन यहां तो पहले प्रखंड शिक्षा समिति कसमार द्वारा ही दिनांक- 14.10.2004 को अनुमोदित किया गया। उसके17 दिन बाद ग्राम शिक्षा समिति रूगड़ीटांड़ (रांगमाटी) द्वारा आमसभा में चयन किया गया है।
प्रखंड शिक्षा समिति की अनुमोदन पंजी में चंद्रशेखर प्रसाद का नाम छेड़छाड़ कर लिखा रेखा कुमारी
प्रखंड शिक्षा समिति कसमार के अनुमोदन प्रोसीडिंग्स की क्रम संख्या 20 में चंद्रशेखर प्रसाद का नाम है। जिसमें छेड़छाड़ कर चंद्रशेखर प्रसाद का नाम को काट कर रद्द लिखते हुए रेखा कुमारी का नाम जोड़ा किया गया है। लेकिन किस कारण से काट कर रद्द किया गया इसका स्पष्ट ब्यौरा नहीं है।
हाईकोर्ट ने दिया विधिसम्मत कार्रवाई का निर्देश लेकिन विभाग अबतक है मौन
झारखंड उच्च न्यायालय रांची ने WPS-5805, दिनांक-26.10.2024 के निर्णयादेश में उपायुक्त/ जिला शिक्षा अधीक्षक बोकारो को विधिसम्मत कार्रवाई करने का आदेश दिया। जिस जिला शिक्षा अधीक्षक बोकारो ने इस संबंध में अपने रिसोंड आर्डर में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, कसमार के जरीये मंजूरा पंचायत स्तरीय प्रशासनिक सह अनुशासनिक प्राधिकार मंजूरा को कार्रवाई के लिए चार-चार बार पत्राचार किया। लेकिन मंजूरा पंचायत प्राधिकार का गठन ही नियमविरुद्ध व निर्णय भी रहा अवैध।
क्या है पारा शिक्षक संप्रति सहायक अध्यापक पर कार्रवाई का प्रावधान
झारखंड सहायक अध्यापक सेवा शर्त नियमावली 2021 के तहत, कोई भी पारा शिक्षक संप्रति सहायक अध्यापक को बृहत या लघु दंड देने का अधिकार प्रखंड/पंचायत स्तरीय प्रशासनिक-सह-अनुशासनिक प्राधिकार को है। प्राधिकार में पंचायत के मुखिया-अधयक्ष, पंचायत समिति सदस्य-सदस्य, एक वार्ड सदस्य-सदस्य, निकट के हाई स्कूल का एक शिक्षक-सदस्य, पंचायत सचिव-सचिव एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी-सदस्य सचिव होते हैं।
लेकिन ज़िला शिक्षा अधीक्षक बोकारो ने पारा शिक्षक रेखा कुमारी के संबंध में हाईकोर्ट के आदेश पर अपने रिसोंड आदेश में मंजूरा पंचायत स्तरीय प्रशासनिक सह अनुशासनिक प्राधिकार को निर्णय लेने के लिए चार-चार बार पत्र लिखा। लेकिन, कोई ध्यान नहीं दिया। अंतिम बार में मंजूरा पंचायत स्तरीय प्रशासनिक सह अनुशासनिक प्राधिकार ने मनमाने तरीके नियमविरुद्ध अवैध प्राधिकार का गठन कर एवं पारा शिक्षक को नियमित (Regular) के बदले मनमाने तरीके से स्वतंत्र (Private) बताकर रिपोर्ट भेज दिया। जिसमें पंचायत सचिव, एवं एक शिक्षक का साइन भी नहीं है।

