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लातेहार/चतरा: नियति का खेल भी अजीब होता है, जहाँ एक पिता अपने बेटे के सिर पर सेहरा सजाने के ख्वाब देख रहा था, वहां आज पूरा परिवार गहरे मातम में डूबा है। सोमवार की रात चतरा और लातेहार जिले की सीमा पर स्थित सिमरिया के जंगलों में हुए विमान हादसे ने लातेहार के एक होनहार सपूत, पायलट विवेक विकास भगत को हमसे छीन लिया।
विवेक मूल रूप से लातेहार सदर प्रखंड के लूटी गांव के रहने वाले थे। उनके पिता, देव सहाय भगत, वर्तमान में चतरा के ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात हैं। विवेक बचपन से ही आसमान छूने की तमन्ना रखते थे और उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से पायलट बनने का सपना पूरा भी किया था। परिजनों के अनुसार, घर में उनकी शादी की चर्चाएं चल रही थीं और पिता बड़े धूमधाम से बेटे का विवाह करना चाहते थे, लेकिन सोमवार की उस ‘काली रात’ ने सब कुछ खत्म कर दिया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बताया कि विवेक इतने ऊंचे पद पर होने के बावजूद बेहद सरल और जमीन से जुड़े इंसान थे। उनकी मौत की खबर जैसे ही लूटी गांव और लातेहार पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। हर आंख नम है और हर जुबां पर बस विवेक की मेहनत और उनके असमय चले जाने का दुख है।

