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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन राज्य की भावी दिशा और दशा तय करने वाला रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की घोषणाओं से लेकर वित्त मंत्री द्वारा पेश की गई आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट तक, सदन में विकास और जन सरोकार की गूंज सुनाई दी।
हाथियों के हमले पर नई नीति: अब 10 दिन में मिलेगा मुआवजा
विधानसभा में हाथियों के बढ़ते हमलों और उससे होने वाली जनहानि का मुद्दा छाया रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संकेत दिया कि सरकार वन्यजीवों के हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे की राशि में भारी बढ़ोतरी करने जा रही है। वर्तमान में यह राशि 4 लाख रुपये है, जिसे अन्य राज्यों (असम, ओडिशा) की तर्ज पर संशोधित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जा रही है। इस SOP की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि पीड़ित परिवार को घटना के मात्र 10 दिनों के भीतर मुआवजा राशि मिल जाएगी। खास बात यह है कि अब केवल हाथी ही नहीं, बल्कि लकड़बग्घा, तेंदुआ और सांप के काटने से होने वाली मौतों को भी इस राहत के दायरे में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अवैध खनन को हाथियों के रिहायशी इलाकों में आने का मुख्य कारण बताया और इस पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
उछाल मारती झारखंड की अर्थव्यवस्था: प्रति व्यक्ति आय 1 लाख के पार
सदन में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025-26 पेश की, जो राज्य की मजबूत होती आर्थिक स्थिति की गवाही देती है। रिपोर्ट के अनुसार:
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प्रति व्यक्ति आय: झारखंड में पहली बार प्रति व्यक्ति आय एक लाख रुपये के आंकड़े को पार कर 1,16,663 रुपये (2024-25) तक पहुंच गई है।
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GSDP में वृद्धि: राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) जो 2011-12 में लगभग 1.50 लाख करोड़ था, वह अब बढ़कर 3.03 लाख करोड़ रुपये हो गया है। अगले वित्तीय वर्ष में इसके 3.41 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
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बजट का आकार: राज्य गठन के समय मात्र 6,067 करोड़ का बजट आज 20 गुना बढ़कर 1,16,892 करोड़ हो गया है। आगामी वर्ष के लिए सरकार ने 1,45,400 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट प्रस्तावित किया है।
रिटायरमेंट उम्र और नौकरियों पर रुख साफ
सदन में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की मांग भी उठी। हालांकि, वित्त मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार का तर्क है कि राज्य में बड़ी संख्या में शिक्षित बेरोजगार युवा हैं और सरकार का ध्यान रिक्त पदों पर नई नियुक्तियों और बैकलॉग (ST/SC/OBC) पदों को भरने पर है।
बैंकिंग और बुनियादी ढांचे का विस्तार
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, झारखंड में बैंकिंग सेवाओं का जाल तेजी से फैला है। सितंबर 2025 तक राज्य में 3,449 बैंक शाखाएं सक्रिय हो चुकी हैं। जमा राशि में 220 प्रतिशत और ऋण वितरण में 124 प्रतिशत की वृद्धि यह दर्शाती है कि राज्य के लोगों की क्रय शक्ति और निवेश क्षमता बढ़ी है।
अगला पड़ाव: 24 फरवरी को पेश होगा नया बजट
भोजनावकाश के बाद सदन ने वर्ष 2025-26 के लिए तृतीय अनुपूरक बजट को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके साथ ही विनियोग विधेयक भी पारित हो गया। अब सबकी निगाहें 24 फरवरी पर टिकी हैं, जब विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो की मौजूदगी में हेमंत सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का नया बजट पेश करेगी।
इस सत्र ने यह साफ कर दिया है कि सरकार एक ओर जहां वन्यजीव संघर्ष जैसे मानवीय मुद्दों पर संवेदनशील है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे और आर्थिक मोर्चे पर राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

