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Lohardaga: जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत अलौदी पंचायत के सुदूरवर्ती गांव चंदवा गढ़गांव में महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यहां स्थित प्राचीन शिवलिंग के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचे और पूरे दिन भक्ति में लीन रहे। गांव का यह महादेव मंडा झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है, जिसे प्राचीन काल से देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इसकी विशेषता और धार्मिक महत्व भक्तों के लिए यादगार अनुभव बन जाता है।
महाशिवरात्रि को लेकर गांव में विशेष आयोजन किया गया था। आयोजन समिति की ओर से 12 घंटे का अखंड हरिकीर्तन आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शिवभक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए समिति ने महादेव मंडा तक जल की व्यवस्था कराई। बताया गया कि मंदिर और गुफा लगभग 1200 फीट ऊंचाई पर स्थित है, ऐसे में भक्तों को पूजा के लिए पानी की परेशानी न हो, इसके लिए पहले से ही इंतजाम किए गए थे।
पर्व के अवसर पर पूरे क्षेत्र को आकर्षक ढंग से सजाया गया। गुफा से लेकर नागपुरी कार्यक्रम स्थल तक लाइटिंग की व्यवस्था की गई थी। वहीं गुफा परिसर को फूल-मालाओं और विद्युत सज्जा से सजाकर भक्तिमय वातावरण बनाया गया। इसके अलावा प्रखंड क्षेत्र के अन्य शिवालयों में भी भजन-कीर्तन के आयोजन हुए, जिससे पूरे इलाके में धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा।
पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखा। शिवभक्त बेलपत्र, धतूरा, दूध, दही, शहद और गंगाजल लेकर मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक किया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। कई भक्तों ने निर्जला व्रत रखा और रात्रि जागरण में भी शामिल हुए। “जय भोले” के नारों से वातावरण लगातार गूंजता रहा।
भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में स्वयंसेवकों ने कतार व्यवस्था संभाली और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की। आयोजन समिति की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी किए गए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। देर शाम तक 1200 फीट ऊंचाई पर स्थित गुफा में शिवलिंग दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा।
इसी दौरान लोहरदगा लोकसभा सांसद के सेन्हा प्रखंड सांसद प्रतिनिधि भी दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र का अवलोकन कर व्यवस्थाओं को सराहनीय बताया और विधि-व्यवस्था में स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए आयोजन समिति का उत्साहवर्धन किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह ऐतिहासिक गुफा और महादेव मंडा लगातार विकसित हो रहा है। यदि प्रशासन महाशिवरात्रि और सावन में सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं और मजबूत करे, तो यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के रूप में और अधिक प्रसिद्ध हो सकता है।

