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रांची: केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों के विरोध में गुरुवार को राजधानी रांची में जबरदस्त हलचल रही। संयुक्त ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में वाम दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने साझा मोर्चा खोलते हुए अल्बर्ट एक्का चौक को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों को ‘मजदूर-किसान विरोधी’ करार देते हुए जमकर नारेबाजी की।
श्रम कानूनों में बदलाव और ट्रेड डील पर आक्रोश
भाकपा माले के राज्य सचिव मनोज भक्त, माकपा के प्रकाश बिप्लव और भाकपा के महेंद्र पाठक के नेतृत्व में निकले इस विरोध मार्च में कार्यकर्ताओं ने ‘चार लेबर कोड वापस लो’ और ‘अमेरिका परस्त नीति बंद करो’ के नारे लगाए। सभा को संबोधित करते हुए मनोज भक्त ने कहा कि सरकार कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने के लिए देश की सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंप रही है। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को देश की आर्थिक संप्रभुता पर हमला बताया।
कचहरी चौक तक निकाला मार्च
अल्बर्ट एक्का चौक पर सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने कचहरी चौक तक मार्च निकाला और आम लोगों के बीच पर्चे बांटे। इन पर्चों के माध्यम से केंद्र की नीतियों से मजदूरों और किसानों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को विस्तार से बताया गया। इस कार्यक्रम में एक्टू (AICCTU), तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संयुक्त मोर्चे ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मजदूर विरोधी लेबर कोड वापस नहीं लिए गए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और भी उग्र और व्यापक बनाया जाएगा।

