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90% उपस्थिति के साथ शुरू हुई प्री-टेस्टिंग, अब कमजोर छात्र बनेंगे टॉपर

रांची: रांची जिले के सरकारी स्कूलों में आज से शिक्षा की एक नई तस्वीर देखने को मिली। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के दिशा-निर्देश पर गठित प्रोजेक्ट TEAM के नेतृत्व में जिले के सभी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में प्री SA-2 परीक्षा का शानदार शुभारंभ हुआ। कक्षा

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रांची: रांची जिले के सरकारी स्कूलों में आज से शिक्षा की एक नई तस्वीर देखने को मिली। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के दिशा-निर्देश पर गठित प्रोजेक्ट TEAM के नेतृत्व में जिले के सभी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में प्री SA-2 परीक्षा का शानदार शुभारंभ हुआ। कक्षा 1 से 7 तक के लगभग 1 लाख 65 हजार छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इस परीक्षा में पहले ही दिन 90% से अधिक उपस्थिति दर्ज की गई, जो जिला प्रशासन के प्रयासों पर अभिभावकों की मुहर लगाती है।

परीक्षा नहीं, यह तो ‘तैयारी का त्यौहार’ है

यह परीक्षा केवल अंकों का खेल नहीं है, बल्कि 11 मार्च से शुरू होने वाली JAC वार्षिक परीक्षा के लिए एक मजबूत नींव है। 18 फरवरी तक चलने वाली इस परीक्षा में प्रतिदिन एक पाली में एक विषय की परीक्षा ली जा रही है। खास बात यह है कि स्कूलों में डर का माहौल नहीं, बल्कि उत्सव की ऊर्जा देखी गई। शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन ने ‘शून्य निवेश’ (Zero Investment) के साथ इतनी सुव्यवस्थित ढंग से आयोजन किया कि बच्चों के चेहरों पर आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।

सुधारात्मक कदम और PTM का मेगा प्लान

जिला प्रशासन का लक्ष्य केवल परीक्षा लेना नहीं, बल्कि हर बच्चे की क्षमता को पहचानना है। परीक्षा के तुरंत बाद परिणामों का विषयवार विश्लेषण किया जाएगा और पिछड़ने वाले छात्रों के लिए रेमेडियल क्लासेज (Remedial Classes) यानी सुधारात्मक कक्षाएं शुरू की जाएंगी। यही नहीं, 20 फरवरी को सभी स्कूलों में विशेष अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) होगी, जिसमें माता-पिता के सामने ही बच्चों का रिजल्ट साझा किया जाएगा। उपायुक्त की इस सोच के पीछे एक ही लक्ष्य है—रांची का हर बच्चा अपनी वास्तविक क्षमता के अनुरूप वार्षिक परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके।

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