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Ramgarh: रामगढ़ जिले के बड़कीपुन्नू और महुआटांड़ इलाके में पिछले 48 घंटों के भीतर हाथियों ने जो कोहराम मचाया है, उससे पूरा जिला मर्माहत है। हाथियों के हमले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित कुल पाँच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद उपायुक्त (DC) श्री अजय नाथ झा खुद मोर्चे पर उतर आए हैं। शनिवार को उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन न केवल प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है, बल्कि हाथियों को नियंत्रित करने के लिए ‘बहुआयामी’ ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
बंगाल और ‘वंतारा’ की टीमें संभालेंगी कमान: हाथियों के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बाहरी विशेषज्ञों की मदद ली है। पश्चिम बंगाल के बांकुरा से 16 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम आज शाम तक रामगढ़ पहुँच रही है। इसके साथ ही हाथियों को सुरक्षित रूप से बेहोश (Tranquilize) करने के लिए मशहूर ‘वंतारा’ टीम से भी संपर्क किया गया है। जब तक ये टीमें मोर्चा नहीं संभालतीं, तब तक स्थानीय क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ड्रोन कैमरों के जरिए हाथियों की हर हरकत पर पैनी नजर रख रही है।
अस्पताल में विशेष इंतजाम और तत्काल मुआवजा: हाथी हमले में घायल हुए ग्रामीणों का इलाज सदर अस्पताल, रामगढ़ में चल रहा है। DC के निर्देश पर डॉक्टरों की एक विशेष मेडिकल टीम घायलों की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है। वहीं, मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन ने संवेदनशील गांवों में टॉर्च और मशालों का वितरण भी शुरू कर दिया है ताकि रात के वक्त ग्रामीण अपनी सुरक्षा कर सकें।
बिजली और रोशनी पर विशेष जोर: अंधेरे का फायदा उठाकर हाथी रिहायशी इलाकों में न घुसें, इसके लिए उपायुक्त ने बिजली विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं। तेनुघाट के कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो। यदि अंडरग्राउंड केबल में खराबी आती है, तो वैकल्पिक ओवरहेड वायर से तुरंत रोशनी बहाल की जाए। साथ ही, भविष्य की सुरक्षा के लिए इन गांवों में सोलर लाइट लगाने की योजना पर भी काम शुरू कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और हाथियों के करीब जाने की कोशिश न करें। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक प्रशासन की निगरानी जारी रहेगी।

