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Career News: बदलते दौर में अब सिर्फ एक डिग्री सफलता की गारंटी नहीं रही। आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में कंपनियां ऐसे प्रोफेशनल्स की तलाश में हैं, जिन्हें बिजनेस की समझ के साथ-साथ कानूनी दांव-पेंच भी पता हों। यही वजह है कि युवाओं के बीच अब इंटीग्रेटेड कोर्सेस का क्रेज तेजी से बढ़ा है। अगर आप भी 12वीं के बाद अपने भविष्य को लेकर उलझन में हैं, तो BBA या BCA के साथ लॉ (Law) का विकल्प आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
इंटीग्रेटेड कोर्स: एक तीर से दो निशाने
5 साल के इस सफर में छात्र को बिजनेस मैनेजमेंट (BBA) या टेक्नोलॉजी (BCA) के साथ कानून के मूल सिद्धांतों की शिक्षा दी जाती है। कोर्स खत्म होने पर आपको एक कंबाइंड डिग्री मिलती है, जो आपको सामान्य ग्रेजुएट्स से कोसों आगे खड़ा कर देती है।
BBA या BCA के बाद भी हैं रास्ते
अगर आप ग्रेजुएशन कर चुके हैं, तब भी आपके पास 3 साल का LLB करने का विकल्प खुला है।
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BBA के बाद: आप कॉर्पोरेट लॉ या बिजनेस लॉ में विशेषज्ञता हासिल कर बड़े-बड़े बिजनेस हाउस के लीगल सलाहकार बन सकते हैं।
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BCA के बाद: आज के डिजिटल युग में साइबर लॉ, डेटा प्राइवेसी और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ की भारी मांग है। टेक-लीगल एक्सपर्ट के तौर पर आप लाखों का पैकेज पा सकते हैं।
शॉर्ट-टर्म कोर्सेस से बढ़ाएं अपनी वैल्यू
डिग्री के अलावा आप 6 महीने से 1 साल के सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते हैं। साइबर लॉ और IPR जैसे विषयों में डिप्लोमा आपकी प्रोफाइल को और भी मजबूत बनाता है।
कैसे मिलेगा एडमिशन?
इंटीग्रेटेड कोर्स में दाखिले के लिए 12वीं में 45-50% अंक होना जरूरी है। देश के टॉप कॉलेजों और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (NLU) में जाने के लिए आपको CLAT (कलेट), AILET या LSAT जैसी कड़ी प्रवेश परीक्षाएं पास करनी होंगी। महाराष्ट्र जैसे राज्यों के लिए MHCET भी एक बढ़िया विकल्प है। याद रखें, जितनी बेहतर तैयारी, उतना ही शानदार कॉलेज और करियर।
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