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Khunti: बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन की पावन मिट्टी से चलकर जब महादेव झारखंड के खूंटी पहुंचे, तो पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। तोरपा प्रखंड के बास्की गांव में गुरुवार की शाम एक ऐतिहासिक पल की गवाह बनी। मध्य प्रदेश के बकावा से लाए गए नर्मदेश्वर शिवलिंग और नंदी प्रतिमा का ग्रामीणों ने जिस भव्यता के साथ स्वागत किया, उसने भक्ति की एक नई मिसाल पेश की है।
शंखनाद और पुष्पवर्षा के बीच नगर भ्रमण
जैसे ही महादेव की प्रतिमा गांव की सीमा पर पहुंची, सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे अपने घरों से बाहर निकल आए। हाथों में शंख, घंटियां और पूजा की थाली लिए श्रद्धालुओं ने ‘जय भोलेनाथ’ के जयघोष से आकाश गुंजा दिया। वैदिक मंत्रोच्चार और पंचगव्य स्नान के बाद ढोल-नगाड़ों की थाप पर शिवजी और नंदी का भव्य नगर भ्रमण कराया गया। रास्ते भर ग्रामीण अपने घरों की छतों और दरवाजों से फूल बरसाते रहे, मानो साक्षात शिव का आगमन उनके द्वार पर हुआ हो।
नवनिर्मित मंदिर के गर्भगृह में विराजित हुए महादेव
धार्मिक उल्लास के बीच प्रतिमाओं को नवनिर्मित शिव मंदिर के गर्भगृह में विधिवत स्थापित किया गया है। देर रात तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही, जहाँ लोगों ने महाआरती कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस पूरे आयोजन में गांव की एकजुटता और श्रद्धा देखते ही बन रही थी।
5 फरवरी से शुरू होगा महा-उत्सव
बास्की गांव अब एक बड़े उत्सव की तैयारी में जुट गया है। आगामी 5 से 7 फरवरी तक मंदिर में भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस अनुष्ठान को सफल बनाने के लिए राजनाथ सिंह, एमपी सिंह और शिवकुमार सिंह सहित पूरी ग्रामीण कमेटी दिन-रात जुटी हुई है। ग्रामीणों का मानना है कि महादेव के आगमन से गांव की खुशहाली हां की ओर बढ़ेगी और क्षेत्र में शांति का वास होगा।
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