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Ranchi News: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (RIMS) के नाम सोमवार को एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई। न्यूरोसर्जरी विभाग के इतिहास में यह दिन गौरवपूर्ण रहा, जब देश के सबसे अत्याधुनिक ‘हाई-एंड न्यूरोसर्जिकल माइक्रोस्कोप’ (Carl Zeiss Kinevo) के उद्घाटन के साथ ही एक बेहद जटिल ब्रेन ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया गया। अब झारखंड के मरीजों को ऐसी उन्नत सर्जरी के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों की ओर नहीं दौड़ना पड़ेगा।
निदेशक ने खुद संभाली कमान, 59 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी
रिम्स के निदेशक प्रो. डॉ. राजकुमार ने न केवल इस मशीन का उद्घाटन किया, बल्कि खुद न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रकाश और उनकी टीम के साथ ऑपरेशन थिएटर में उतर गए। मामला एक 59 वर्षीय महिला मरीज का था, जो लंबे समय से असहनीय सिरदर्द, उल्टी और दौरों से तड़प रही थीं। जांच में पता चला कि उनके दिमाग के ‘दाहिने फ्रंटल लोब’ में ट्यूमर ने अपना घर बना लिया है।
3D विजन और रोबोटिक तकनीक का तालमेल
इस सर्जरी की सबसे खास बात रही ‘Carl Zeiss Kinevo’ माइक्रोस्कोप का इस्तेमाल। यह साधारण माइक्रोस्कोप नहीं है, बल्कि यह 3D इमेजिंग और उन्नत कैमरा सिस्टम से लैस है। इसमें लगी डाई-आधारित सॉफ्टवेयर प्रणाली डॉक्टरों को यह साफ-साफ दिखाती है कि दिमाग का कितना हिस्सा कैंसरग्रस्त है और कौन सा ऊतक स्वस्थ है। इसका परिणाम यह हुआ कि ट्यूमर को पूरी सतर्कता के साथ जड़ से निकाल दिया गया, बिना किसी स्वस्थ नस को नुकसान पहुंचाए।
पूर्वी भारत के लिए वरदान साबित होगी यह मशीन
इस सफल सर्जरी में एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञों का भी अहम योगदान रहा। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति अब स्थिर है और वे तेजी से रिकवर कर रही हैं। रिम्स में इस तकनीक के आने से न केवल झारखंड, बल्कि बिहार, बंगाल और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों के उन गरीब मरीजों के लिए एक नई उम्मीद जगी है, जो निजी अस्पतालों का भारी-भरकम खर्च नहीं उठा सकते।
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