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Ranchi News: झारखंड की सियासत के केंद्र, मुख्यमंत्री आवास में आज गहमागहमी का माहौल रहा। मौका था झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रखंड अध्यक्षों की उस महत्वपूर्ण बैठक का, जिसे संगठन की भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई इस बैठक में राज्यभर से आए जमीनी नेताओं ने हिस्सा लिया, जिसमें संगठन की मजबूती और जनता की उम्मीदों पर खुलकर मंथन हुआ।
इस बैठक की खास चर्चा चान्हो प्रखंड को लेकर रही। चान्हो से प्रखंड अध्यक्ष मकबूल अहमद आज़ाद और प्रखंड सचिव पुनीत कुजूर ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक के दौरान इन दोनों नेताओं ने केवल हाजिरी ही नहीं लगाई, बल्कि चान्हो की जनता की आवाज को सीधे नेतृत्व के कानों तक पहुंचाया। उन्होंने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं, पार्टी की स्थानीय गतिविधियों और सबसे महत्वपूर्ण—सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने में आ रही बाधाओं का ब्यौरा पेश किया।
बैठक का मुख्य सुर ‘संगठन और सशक्तिकरण’ रहा। मुख्यमंत्री ने साफ लहजे में संदेश दिया कि कार्यकर्ता केवल पार्टी के सिपाही नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच के सेतु हैं। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई। नेताओं के चेहरे पर झलकता उत्साह यह बताने के लिए काफी था कि झामुमो अब चुनावी मोड में अपनी जड़ों को और गहरा करने में जुट गया है।

