अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Ranchi : रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) मानव तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को ‘नन्हें फरिश्ते’ अभियान के तहत रांची रेलवे स्टेशन पर संयुक्त गहन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान प्लेटफार्म संख्या-2 से दो नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
यह कार्रवाई आरपीएफ पोस्ट रांची की मानव तस्करी विरोधी इकाई द्वारा दीनदयाल उपाध्याय नगर टीम और रांची अपराध आसूचना शाखा के सहयोग से की गई। अभियान के दौरान दोनों बच्चियां संदिग्ध अवस्था में अकेली बैठी मिलीं। आरपीएफ टीम ने संवेदनशीलता के साथ बातचीत की तो पता चला कि वे खूंटी जिले की रहने वाली हैं और घरेलू काम की तलाश में घर से रांची पहुंची थीं। दस्तावेजों के सत्यापन में पुष्टि हुई कि दोनों नाबालिग हैं।
इसके बाद आरपीएफ ने उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मानव तस्करी निरोधक कानूनों के तहत आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई पूरी की। तत्पश्चात दोनों बच्चियों को चाइल्डलाइन रांची के सुपुर्द कर दिया गया, जहां उन्हें संरक्षण, परामर्श और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि ‘नन्हें फरिश्ते’ अभियान का उद्देश्य रेलवे परिसरों में बच्चों को तस्करी, बाल श्रम और शोषण से बचाना है। इसके तहत रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में नियमित जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई कि संदिग्ध अवस्था में दिखने वाले बच्चों की सूचना तुरंत आरपीएफ या चाइल्डलाइन को दें, ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।

