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Jamshedpur News: लौहनगरी जमशेदपुर आज पूरी तरह से भक्ति और उत्सव के रंग में सराबोर नजर आई। प्रभु यीशु मसीह के पावन जन्म की खुशी में शहर के कोने-कोने में क्रिसमस का पर्व पूरे जोश और उमंग के साथ मनाया गया। कड़ाके की ठंड और कनकनी के बावजूद मसीही समुदाय के हौसले पस्त नहीं हुए। आधी रात को जैसे ही गिरजाघरों के घंटे गूंजे, पूरा वातावरण ‘जय यीशु’ और ‘मैरी क्रिसमस’ के नारों से गूंज उठा।
लोयोला और कान्वेंट चर्च में विशेष मिसा; अमन-चैन के लिए हुई प्रार्थना
शहर के प्रमुख गिरजाघरों, जिनमें रोमन कैथोलिक चर्च, कान्वेंट स्कूल चर्च, कामल स्कूल और लोयोला चर्च शामिल हैं, में विशेष मिसा बलिदान (प्रार्थना सभा) का आयोजन किया गया। रंग-बिरंगी लाइटों और सितारों से सजे चर्चों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान पवित्र बाइबल के वचनों का पाठ किया गया और समाज में शांति, भाईचारे और देश की तरक्की के लिए सामूहिक दुआएं मांगी गईं। कैरोल सिंगिंग (भक्ति गीतों) की मधुर धुनों ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
फादर अजीत सोरेंग का संदेश: भौतिक सुख नहीं, सेवा और त्याग है क्रिसमस
लोयोला स्कूल चर्च में आयोजित मुख्य सभा को संबोधित करते हुए मुख्य याजक फादर अजीत सोरेंग ने क्रिसमस की आध्यात्मिक गहराई पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “क्रिसमस केवल बाहरी साज-सज्जा या भौतिक भोग का पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रभु यीशु के त्याग और प्रेम के संदेश को अपने जीवन में उतारने का अवसर है।” उन्होंने याद दिलाया कि प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति की मुक्ति के लिए खुद का बलिदान दिया, ताकि दुनिया नफरत और लालच को छोड़कर करुणा के मार्ग पर चल सके।
चरनी में बाल यीशु के दर्शन; आज सुबह भी जारी रहेगा प्रार्थनाओं का दौर
श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र ‘चरनी’ रही, जहाँ प्रभु यीशु के बाल रूप को स्थापित किया गया था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने कतारबद्ध होकर प्रभु के दर्शन किए और नमन किया। कई लोगों ने अपने पापों को स्वीकार कर ‘कन्फेशन’ किया, जिसके बाद पुरोहितों ने उन पर पवित्र जल (होली वॉटर) छिड़क कर आशीर्वाद दिया। बता दें कि बेल्डीह बैपटिस्ट चर्च, जीईएल और सीएनआई कलीसिया में गुरुवार सुबह भी विशेष सभाएं जारी रहेंगी, जिसे लेकर उत्साह बरकरार है।

