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Sports News: दुबई के मैदान पर 21 दिसंबर को जो हुआ, उसने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप फाइनल में मिली 191 रनों की करारी और शर्मनाक हार को बोर्ड ने बेहद गंभीरता से लिया है। सोमवार को हुई ऑनलाइन एपेक्स काउंसिल मीटिंग में यह साफ कर दिया गया कि टीम के इस निराशाजनक प्रदर्शन की गहन समीक्षा की जाएगी। खबर है कि बोर्ड जल्द ही हेड कोच ऋषिकेश कानिटकर और कप्तान आयुष म्हात्रे को तलब कर सकता है।
वर्ल्ड कप से पहले खतरे की घंटी; टीम चयन पर भी सस्पेंस
अंडर-19 विश्व कप अब दहलीज पर है, लेकिन एशिया कप के फाइनल में जिस तरह भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई, उसने चयनकर्ताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है। 348 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी टीम मात्र 156 रनों पर सिमट गई। सूत्रों के मुताबिक, विश्व कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान होने से पहले बीसीसीआई इस हार के हर पहलू को खंगालना चाहता है। क्या मैनेजमेंट की रणनीति गलत थी या खिलाड़ियों पर दबाव भारी पड़ा? इन सवालों के जवाब कोच और कप्तान को देने होंगे।
बर्ताव पर बवाल: पाकिस्तान की शिकायत और खेल भावना का मुद्दा
हार के दर्द के बीच एक नया विवाद खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर खड़ा हो गया है। पाकिस्तानी टीम मैनेजमेंट ने आरोप लगाया है कि भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे और वैभव सूर्यवंशी आउट होने के बाद पाकिस्तानी तेज गेंदबाज अली रजा से बदतमीजी से भिड़ गए थे। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने इस मामले को ICC के सामने उठाने की धमकी दी है। हालांकि बीसीसीआई ने इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन बोर्ड के भीतर खिलाड़ियों के अनुशासन को लेकर भी चर्चा तेज है।
एपेक्स काउंसिल की पैनी नजर; क्या बदलेगा मैनेजमेंट?
बीसीसीआई अब इस मोड में है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले किसी भी ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीम मैनेजमेंट से पाकिस्तान के खिलाफ मिली इस बड़ी हार पर लिखित जवाब माँगा जा सकता है। क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों का मानना है कि एशिया कप का यह प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है। अब देखना यह है कि समीक्षा बैठक के बाद क्या टीम के ढांचे में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलता है या बोर्ड इन्हीं खिलाड़ियों पर दोबारा भरोसा जताता है।

