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Ranchi News: झारखंड में कुदरत का मिजाज इन दिनों कड़ाके की सर्दी के साथ लोगों की परीक्षा ले रहा है। सोमवार को राजधानी रांची समेत राज्य के बड़े हिस्से में ठंडी हवाओं ने ऐसी कनकनी पैदा की कि दोपहर की धूप भी बेअसर साबित हुई। आलम यह है कि जो ठंड आमतौर पर रात के सन्नाटे में महसूस होती थी, वह अब सूरज की मौजूदगी में भी लोगों को ठिठुरा रही है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के 8 प्रमुख जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी कर दिया है।
8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट; पलामू में न्यूनतम पारा 9 डिग्री तक गिरा
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, रांची, खूंटी, हजारीबाग और रामगढ़ में शीतलहर (Cold Wave) का असर सबसे ज्यादा रहेगा। सोमवार को पलामू राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहाँ अधिकतम तापमान गिरकर 18 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया। दोपहर के करीब 2:30 बजे ही विभाग ने अलर्ट जारी कर लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने की हिदायत दी है। बर्फीली हवाओं के कारण शरीर में चुभन वाली ठंड महसूस की जा रही है।
ला नीना और प्रदूषण का दोहरा वार; शाम होते ही थम रही है शहर की रफ्तार
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार ‘ला नीना’ (La Nina) के प्रभाव के कारण ठंड की तीव्रता अधिक है। हालांकि न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री के बीच बना हुआ है, लेकिन तेज हवाओं के कारण ‘फील लाइक’ टेम्परेचर (महसूस होने वाला तापमान) इससे काफी कम है। ठंड के साथ-साथ गिरती वायु गुणवत्ता (AQI) ने भी चिंता बढ़ा दी है। धनबाद में AQI 214 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है, वहीं जमशेदपुर और बोकारो में भी हवा काफी प्रदूषित रही। राजधानी रांची में शाम 5 बजते ही लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, जिससे प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसर जा रहा है।
अगले 48 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण; स्वास्थ्य को लेकर रहें सतर्क
मौसम केंद्र रांची के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक मौसम के मिजाज में किसी बड़े सुधार की उम्मीद नहीं है। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को सिर और कान ढककर रखने की सलाह दी है। पलामू, चतरा और गढ़वा जैसे जिलों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने भी चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था तेज करने के निर्देश दिए हैं ताकि बेसहारा लोगों को इस कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिल सके।

