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एनकाउंटर की धमकी और सुपारी का डर! बिजनेसमैन को कंगाल कर गायब हुए ठग

India News: मायानगरी मुंबई में इन दिनों अपराधियों ने ठगी का एक ऐसा मायाजाल बुना है जिसमें बड़े-बड़े कारोबारी भी फंसते जा रहे हैं। मलाड के रहने वाले भारत पेट्रोलियम के गैस डीलर राहुल गुप्ता के साथ हुई ‘डिजिटल अरेस्ट’ और उगाही की घटना ने

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India News: मायानगरी मुंबई में इन दिनों अपराधियों ने ठगी का एक ऐसा मायाजाल बुना है जिसमें बड़े-बड़े कारोबारी भी फंसते जा रहे हैं। मलाड के रहने वाले भारत पेट्रोलियम के गैस डीलर राहुल गुप्ता के साथ हुई ‘डिजिटल अरेस्ट’ और उगाही की घटना ने सबको हैरान कर दिया है। फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगों ने राहुल को इतना डराया कि उन्होंने अपना घर-बार छोड़ने से पहले आरोपियों को 1 करोड़ रुपये सौंप दिए। पाँच दिनों तक लापता रहने के बाद जब पुलिस ने उन्हें बरामद किया, तब इस पूरी साजिश की परतें खुलीं।

चंदे से शुरू हुआ खेल और फर्जी ‘सुपारी’ का खौफनाक मोड़

मामले की शुरुआत बेहद सामान्य तरीके से हुई। राहुल के गैस गोदाम पर प्रवीण खेडेकर नामक व्यक्ति अक्सर चंदा मांगने आता था। सितंबर-अक्टूबर के दौरान उसने राहुल से करीब 10 हजार रुपये लिए। असली खेल तब शुरू हुआ जब राहुल के पास एक अंजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को मुंबई पुलिस का ‘जॉइंट कमिश्नर’ बताया और दावा किया कि राहुल ने प्रवीण खेडेकर की हत्या के लिए सुपारी दी है। यह सुनते ही राहुल के पैरों तले जमीन खिसक गई। ठगों ने उन्हें विश्वास दिला दिया कि उन पर हत्या की साजिश का गंभीर मामला है।

एनकाउंटर की धमकी देकर वसूले 1 करोड़; फ्लाईओवर पर होती थी ‘कैश डील’

राहुल को डराने के लिए ठगों ने ‘एनकाउंटर’ और परिवार को खत्म करने की धमकी दी। डर के मारे राहुल ने अपनी जमापूंजी आरोपियों के हवाले करना शुरू कर दिया। कभी ऑनलाइन ट्रांसफर तो कभी अंधेरी फ्लाईओवर और बीएमसी गार्डन के पास नकद पैसों के बैग पहुंचाए गए। देखते ही देखते ठगों ने राहुल से कुल 1 करोड़ रुपये वसूल लिए। जब 14 दिसंबर को आरोपियों ने और भी बड़ी रकम की मांग की, तो राहुल मानसिक रूप से टूट गए और बिना किसी को बताए घर से निकल गए।

पालघर स्टेशन से सुरक्षित बरामद; अब कॉल डिटेल्स से होगी गिरोह की पहचान

राहुल की पत्नी की शिकायत पर दिंडोशी पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी निगरानी के जरिए उन्हें 19 दिसंबर को पालघर के दहानू रेलवे स्टेशन से सुरक्षित ढूंढ निकाला। पूछताछ में राहुल ने अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस ने चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन और सीसीटीवी फुटेज के जरिए इस संगठित गिरोह तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। मुंबई पुलिस ने जनता को आगाह किया है कि कोई भी असली पुलिस अधिकारी फोन पर पैसों की मांग नहीं करता है; ऐसी स्थिति में डरे नहीं और तुरंत नजदीकी थाने में रिपोर्ट करें।

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