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गुमला: आगामी त्योहारों के मद्देनज़र जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर शुक्रवार को गुमला शहर में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने हेतु औचक निरीक्षण एवं छापामारी अभियान चलाया गया।
इस अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी ने किया। निरीक्षण के दौरान भारत बेकरी, गुमला बेकरी और मुन बेकरी समेत कई खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जांच के क्रम में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, पैकेजिंग और अनिवार्य लेबलिंग की बारीकी से समीक्षा की गई। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भारत बेकरी और मुन बेकरी पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अर्थदंड लगाया गया।
इसके साथ ही मुर्गा एवं मांस विक्रय करने वाली दुकानों का भी निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि कुछ दुकानें बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस के संचालित हो रही थीं। साथ ही दुकानों में ढक्कन युक्त डस्टबिन नहीं था और कचरा निस्तारण की समुचित व्यवस्था भी नहीं पाई गई। इसे स्वच्छता एवं जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित संचालकों को तत्काल सुधार करने और वैध लाइसेंस प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय में लापरवाही दंडनीय अपराध है और आगे भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे केवल लाइसेंसधारी दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें तथा किसी भी अनियमितता की शिकायत फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप के माध्यम से करें। जिला प्रशासन द्वारा ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।

