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खराब परिणाम वाले विद्यालयों पर कार्रवाई तय; उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को मिलेगा सम्मान ,दैनिक अभ्यास, रेमेडियल कक्षाएं और सख्त मॉनिटरिंग से जिला प्रशासन ने तेज की परीक्षा तैयारी
गुमला: जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक में बोर्ड परीक्षा की व्यापक तैयारी अंतर्गत आगामी 03 फरवरी से शुरू होने वाली मैट्रिक एवं इंटर की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित द्वारा जिले के सभी विद्यालय प्रधानों के साथ एक विस्तृत ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने कहा कि 23 दिसंबर के बाद क्रिसमस, नववर्ष तथा शीतकालीन अवकाश के कारण नियमित पठन-पाठन का समय सीमित हो जाएगा, इसलिए विद्यालयों को अभी से एक सुदृढ़ कार्ययोजना बनाते हुए विशेषकर कमजोर बच्चों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। उपायुक्त ने रेमेडियल कक्षाओं की निरंतरता, कोर टीम द्वारा भेजे जा रहे दैनिक अभ्यास प्रश्नों के नियमित अभ्यास तथा सभी विषयों के महत्वपूर्ण बिंदुओं की व्यवस्थित पुनरावृत्ति अनिवार्य रूप से कराने को कहा। इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो एवं जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां सहित जिले के 12 प्रखंडों के सरकारी, अल्पसंख्यक, स्थापना अनुमति प्राप्त तथा निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए। जिला शिक्षा परियोजना से एडीपीओ ज्योति खलखो, सभी एपीओ, कस्तूरबा विद्यालयों की वार्डन, बीपीओ दिलदार सिंह एवं अन्य शिक्षा कर्मी भी जुड़े। पिछले माह जिला स्तर पर नवाचारी तरीके से आयोजित मॉक टेस्ट के नतीजों ने चिंता पैदा की है। कक्षा 10 में एक हजार से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए, जबकि 1574 छात्र अत्यंत निम्न प्रदर्शन के कारण रेड जोन में रखे गए हैं। इसी प्रकार कक्षा 12 के मॉक टेस्ट में पाँच हजार से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति रही, जिनमें पाँच सौ से अधिक छात्रों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया। उपायुक्त ने इन आंकड़ों को गंभीर मानते हुए कहा कि आने वाले दिनों में इन सभी कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देना प्रत्येक विद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। उपायुक्त का स्पष्ट संदेश: खराब परिणाम पर सख्त कार्रवाई, बेहतर कार्य पर सम्मान विद्यालयवार समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि बोर्ड परीक्षा में खराब परिणाम देने वाले विद्यालयों पर ठोस और कठोर कदम उठाए जाएंगे जिसमें सरकारी शिक्षकों के वार्षिक इंक्रीमेंट पर रोक, संविदा शिक्षकों की सेवा समाप्ति, निजी एवं स्थापना स्वीकृति प्राप्त विद्यालयों की मान्यता की पुनर्समीक्षा तथा अनुदान पर रोक जैसे प्रावधान शामिल होंगे। इसी के साथ उन्होंने यह भी घोषणा की कि जो विद्यालय बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उनके शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। उपायुक्त ने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि “शिक्षकों के हाथों में बच्चों का भविष्य है, अतः सभी शिक्षक अपने स्कूल के बच्चों को अपना मानकर जिम्मेदारी निभाएं।”
10 जनवरी को कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मॉक टेस्ट, साथ ही प्रशासन की सख्त मॉनिटरिंग
जिले में चिन्हित सभी कमजोर विद्यार्थियों के लिए 10 जनवरी को विशेष मॉक टेस्ट आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन कर अंतिम तैयारी को मजबूत किया जा सके। इन विद्यार्थियों को पासिंग मार्क्स के अनुरूप महत्वपूर्ण बिंदुओं का विशेष अभ्यास कराया जाएगा तथा लेखन कौशल पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इसके साथ ही उपायुक्त ने निर्देश दिए कि—
किसी भी विद्यालय में एक साथ दो से अधिक शिक्षकों का अवकाश स्वीकृत न किया जाए, सभी निजी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण हो, फायर एवं अन्य सुरक्षा मॉक ड्रिल कराई जाए,किसी भी विद्यालय में बेसमेंट में कक्षा संचालित न की जाए।
उपायुक्त ने डीईओ एवं डीएसई को यह भी निर्देश दिया कि प्रतिदिन कुछ विद्यालयों की रैंडम जाँच करते हुए वीडियो कॉल के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति एवं शिक्षण कार्य की वास्तविक स्थिति की निगरानी की जाए ।


