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गुमला :उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, जिला ग्रामीण विकास शाखा विद्या भूषण कुमार द्वारा प्रखंड रायडीह अंतर्गत सिकोई पंचायत के कोपोडीहा गाँव का दौरा किया गया। इस दौरान मनरेगा, ग्रामीण आवास योजना, विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्रों के क्रियान्वयन की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में मनरेगा योजना के तहत आम बागवानी समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अर्जुन गोप की आम बागवानी योजना स्थल पर घेराबंदी एवं पौधों के सहारे हेतु टेका नहीं पाया गया साथ ही योजना बोर्ड भी स्थल पर प्रदर्शित नहीं था। इस पर निदेशक द्वारा कनीय अभियंता और रोजगार सेवक को तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। कनीय अभियंता द्वारा जानकारी दी गई कि योजना बोर्ड निर्माण हेतु नई योजनाओं की सूची प्रेषित कर दी गई है। इसी क्रम में रोमानियोस तिर्की एवं अमृत खलखो के बागवानी प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया गया। दोनों लाभुकों की उपस्थिति में यह पाया गया कि योजना स्थल पर बोर्ड लगाया गया है तथा पौधों की सुरक्षा हेतु उचित घेराबंदी की गई है। लाभुकों से सिंचाई व्यवस्था के बारे में पूछे जाने पर बताया गया कि कुएँ से सिंचाई की जाती है एवं जल उपलब्धता सुनिश्चित है। ग्रामीण आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों का भी निरीक्षण किया गया तथा लाभुकों को निर्धारित समय पर निर्माण पूर्ण करने हेतु प्रेरित किया गया, साथ ही आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। आंगनवाड़ी केंद्र कापोटोली के निरीक्षण के दौरान केंद्र संचालित स्थिति में पाया गया। सेविका द्वारा बताया गया कि कुल 15 बच्चे नामांकित हैं, जिनमें से 09 बच्चे उपस्थित थे। बच्चों को नाश्ते में हलुआ एवं दोपहर के भोजन में दाल-चावल उपलब्ध कराया गया है। आंगनवाड़ी केंद्र के समीप स्थित जलमिनार के विषय में जानकारी दी गई कि यह पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा निर्मित है। निदेशक ने उपस्थित कनीय अभियंता एवं प्रखंड समन्वयक को जलमीनार के संचालन एवं कार्यशील स्थिति की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन ने स्पष्ट कहा कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ पात्र लाभुकों तक समयबद्ध रूप से पहुंचे और गुणवत्ता बनाए रखी जाए, यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं और अपेक्षा की गई है कि निरीक्षण में प्राप्त कमियों को शीघ्र दूर कर योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

