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Ranchi : झारखंड सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के दौरान धान की अधिप्राप्ति के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अतिरिक्त किसानों को राज्य सरकार की ओर से बोनस देने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने कुल 48 करोड़ 60 लाख रुपये की राशि मंजूर की है, जिससे लाखों कृषकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
सरकार के इस निर्णय के अनुसार अब धान की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य और राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले बोनस को मिलाकर 2450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब किसान बढ़ती लागत, खाद-बीज की महंगाई और मौसम की अनिश्चितता जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि इस अतिरिक्त बोनस से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा।
मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने साफ संकेत दिया है कि किसान कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। धान झारखंड का प्रमुख फसल है और राज्य के बड़े हिस्से की आबादी की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। ऐसे में धान अधिप्राप्ति दर बढ़ाए जाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत किसान पंजीकरण प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा ताकि पात्र किसानों को बिना किसी परेशानी के लाभ मिल सके। खरीद केंद्रों की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि समय पर और पारदर्शी तरीके से धान की खरीद हो सके।
किसानों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से बोनस की मांग की जा रही थी, जो अब पूरी हुई है। इससे न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ेगी, बल्कि उन्हें कर्ज और आर्थिक दबाव से भी राहत मिलेगी।
कुल मिलाकर, यह फैसला झारखंड के किसानों के लिए संजीवनी साबित हो सकता है और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

