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Ranchi : झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा जेएसएससी संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा (JSSC CGL) के परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक हटाए जाने के आदेश के बाद अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। लंबे इंतज़ार और संघर्ष के बाद न्याय मिलने पर सैकड़ों अभ्यर्थी ढोल-नगाड़ों के साथ राजधानी रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय परिसर पहुंचे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा विधायक कल्पना सोरेन का आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह न्याय केवल एक आदेश नहीं, बल्कि युवाओं की ईमानदार मेहनत, संघर्ष और उम्मीदों की जीत है। उन्होंने कहा, “अगर इरादे नेक हों, तो हर चीज़ बेहतर होती है। आज जेएसएससी परीक्षा से जुड़ी सभी बाधाएं दूर हो चुकी हैं। आप सभी को मिली इस सफलता के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। जब युवा खुश होंगे तभी राज्य खुशहाल होगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ पर होने वाले समारोह में अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने की तैयारी थी, लेकिन कुछ विरोधी तत्वों ने परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाकर इसे बाधित करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि राज्य में ऐसे समूह सक्रिय हैं जो प्रतियोगी परीक्षाओं को रोककर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। मगर सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई और साजिश रचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने भी सरकार की पारदर्शी जांच और अभ्यर्थियों की सच्ची मेहनत को सम्मान दिया और नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दी।
जेपीएससी परीक्षाओं पर भी बोले मुख्यमंत्री
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी से जुड़ी परीक्षाओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पिछले 18 वर्षों में झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा जितनी सिविल सेवा परीक्षाएं ली गईं, उतनी परीक्षाएं उनकी सरकार ने मात्र 5 वर्षों में ही आयोजित करा दी हैं। उन्होंने कहा कि पहले कई परीक्षाओं में धांधली के आरोप लगते रहे, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा कराई गई परीक्षाएं पूरी तरह बेदाग और पारदर्शी रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नौकरी और अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। चुनौतियाँ चाहे जितनी हों, सरकार युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है।
अभ्यर्थियों ने जताया आभार—“मुख्यमंत्री जी की वजह से मिला न्याय”
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने पहुंचे अभ्यर्थियों ने कहा कि उनके अथक प्रयासों, सरकार की पारदर्शी जांच और दोषियों पर की गई कार्रवाई के कारण ही उन्हें न्याय मिल सका है। अभ्यर्थियों ने कहा कि विरोधी तत्वों ने परीक्षा में गड़बड़ी का झूठा माहौल बनाने की कोशिश की थी, जिससे उनकी नियुक्ति प्रक्रिया रुक गई थी। लेकिन सरकार ने तथ्य प्रस्तुत कर सच्चाई सामने रखी और पूरी निष्ठा के साथ मामला अदालत में रखा। अभ्यर्थियों ने कहा, “यह सिर्फ हमारा संघर्ष नहीं था, बल्कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन और उनके प्रयासों का परिणाम है कि आज हम सभी को न्याय मिला। हम उनके आभारी हैं कि उन्होंने युवाओं की आवाज़ सुनी, हमारी पीड़ा को समझा और हमें निराश नहीं होने दिया।”
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उपस्थित युवाओं को आश्वस्त किया कि आगे भी राज्य सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी और रोजगार से जुड़ी प्रक्रियाओं को तेजी और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी प्रतियोगिता परीक्षाओं को पूर्ण निष्पक्षता के साथ आयोजित किया जाएगा और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जाएगा। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश और राज्य सरकार के प्रयासों ने जेएसएससी अभ्यर्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई है और राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।


अभ्यर्थियों ने जताया आभार—“मुख्यमंत्री जी की वजह से मिला न्याय”