फॉण्ट कनवर्टर NEW

Advertisement
Advertisement

किसी भी स्थिति में छात्रवृत्ति भुगतान में विलंब बर्दाश्त नहीं : चमरा लिंडा

Ranchi : राज्य के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने सोमवार को छात्रवृत्ति योजनाओं की व्यापक समीक्षा करते हुए बोकारो, चतरा और गिरिडीह जिलों में वितरण की धीमी गति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा और योजनाओं के उद्देश्यों के

अपनी भाषा में पढ़ें

Advertisement

Ranchi : राज्य के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने सोमवार को छात्रवृत्ति योजनाओं की व्यापक समीक्षा करते हुए बोकारो, चतरा और गिरिडीह जिलों में वितरण की धीमी गति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा और योजनाओं के उद्देश्यों के अनुरूप पात्र छात्रों को समय पर लाभ मिलना जरूरी है और किसी भी स्थिति में छात्रवृत्ति भुगतान में विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने संबंधित जिलों के जिला कल्याण पदाधिकारियों से पूछा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान प्री-मैट्रिक (कक्षा 1-8 एवं 9-10) और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति क्यों नहीं हो सकी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सुस्ती या लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है और अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति समय पर उपलब्ध हो।

मंत्री लिंडा ने निर्देश दिया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र समाप्त होने से पहले सभी लंबित लाभार्थियों को छात्रवृत्ति राशि का भुगतान हर हाल में कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है, ऐसे में छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण योजना में देरी छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों को भी सख्त निर्देश दिया कि जिला स्तरीय समिति की बैठकें समय पर आयोजित की जाएं। मंत्री ने कहा कि लंबित आवेदनों की समीक्षा कर उन्हें स्वीकृति देने में ढिलाई न बरती जाए। यदि किसी आवेदन में कोई त्रुटि है, तो उसे समय पर दुरुस्त कराकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाए ताकि लाभार्थियों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।

बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को भी मंत्री ने स्पष्ट किया कि छात्रवृत्ति भुगतान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और सटीक हो। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के कमजोर व वंचित वर्ग के छात्र बिना किसी वित्तीय परेशानी के अपनी शिक्षा जारी रख सकें।

मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि जिला प्रशासन और कल्याण विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की रुकावट न आए। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति केवल एक राशि नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और उनके सपनों को साकार करने का साधन है, जिसे प्राथमिकता के साथ लागू किया जाना चाहिए।

सरकार की ओर से अब यह साफ संकेत दिया गया है कि छात्रवृत्ति वितरण में किसी तरह की देरी अथवा लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना अनिवार्य होगा।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram