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Ranchi : अंजुमन इस्लामिया, रांची के मौलाना आजाद लाइब्रेरी एंड कोचिंग सेंटर ने एक बार फिर अपनी सफलता का परचम लहराया है। यहां से तैयारी कर रहे कुल 27 अभ्यर्थियों को झारखंड सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न नियुक्ति प्रक्रिया में सफल घोषित किया गया है। सफल अभ्यर्थियों को राज्य सरकार की ओर से शुक्रवार को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिसके बाद उनके चेहरे पर वर्षों की मेहनत की चमक साफ झलक रही थी।
झारखंड सरकार ने इस बार राज्य के विभिन्न नियुक्ति प्रक्रिया में 8792 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं। इसी सूची में अंजुमन इस्लामिया से जुड़े 27 गुमनाम परिश्रमी अभ्यर्थियों का नाम शामिल होना संस्था के लिए गर्व का विषय बन गया है। इन अभ्यर्थियों ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी एंड कोचिंग सेंटर में मेहनत, मार्गदर्शन और अनुशासन के साथ तैयारी की, जिसका परिणाम अब उन्हें सरकारी नौकरी के रूप में प्राप्त हुआ है।

अंजुमन इस्लामिया के संयोजक मो. लतीफ आलम ने बताया कि यह उपलब्धि न केवल इन छात्रों की व्यक्तिगत जीत है, बल्कि संस्था की वर्षों की मेहनत और समर्पण का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद के विचार, शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और उनके द्वारा स्थापित की गई प्रेरणा आज भी अंजुमन इस्लामिया जैसी संस्थाओं के लिए प्रकाशस्तंभ का काम करती है।
मो. लतीफ आलम ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा, “हमारी संस्था से निकले अभ्यर्थी लगातार राज्य के विभिन्न पदों पर चयनित हो रहे हैं। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, इंशा अल्लाह। आने वाले दिनों में और भी युवा इस कोचिंग से शिक्षा प्राप्त कर सफलता का नया इतिहास लिखेंगे।” उन्होंने कहा कि संस्था हमेशा से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रही है।
अंजुमन इस्लामिया के मौलाना आजाद लाइब्रेरी एंड कोचिंग सेंटर ने शहर में शैक्षणिक जागरूकता बढ़ाने और युवाओं में सरकारी सेवाओं के प्रति रुचि पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संस्था के शिक्षकों और मार्गदर्शकों ने छात्रों को केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच जैसे महत्वपूर्ण गुण भी सिखाए हैं।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों और उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि इस कोचिंग सेंटर ने उन्हें न केवल पढ़ाया बल्कि हर कठिन दौर में मानसिक और भावनात्मक सहयोग भी दिया। उनकी सफलता के पीछे संस्था का मजबूत मार्गदर्शन और नियमित अध्ययन सामग्री का बड़ा योगदान रहा।
अंजुमन इस्लामिया प्रबंधन ने कहा कि वे आगे भी अधिक से अधिक युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए कोचिंग सुविधाओं का विस्तार करेंगे। उनका लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में सैकड़ों युवाओं को सरकारी सेवाओं में स्थान दिलाया जाए।

