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Jamshedpur News: जमशेदपुर में शनिवार सुबह वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करके कोरल तस्करी के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया। विभाग को डीएफओ सबा आलम अंसारी को मिली गुप्त सूचना की पुष्टि तब हुई जब टीम ने साकची स्थित होटल विराट पर अचानक छापेमारी की। होटल के कमरे की तलाशी के दौरान समुद्री कोरल बरामद हुआ और वहीं चार तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
होटल के कमरे से मिला कोरल, चारों तस्कर धराए
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों में एक पश्चिमी सिंहभूम का रहने वाला है, जबकि बाकी तीन रांची के बताए जा रहे हैं। हरी चरण गोप और प्रमोद कैबर्ता दो पहचाने गए नाम हैं, जबकि अन्य दो की पहचान फिलहाल गोपनीय रखी गई है। छापेमारी के दौरान होटल का कमरा तस्करी के अड्डे जैसा नजर आ रहा था, जिससे स्पष्ट हुआ कि यह काम पिछले कई दिनों से चल रहा था।
पूछताछ में बड़ा नेटवर्क उजागर होने की संभावना
गिरफ्तार आरोपियों को वन विभाग कार्यालय ले जाकर उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि कोरल की अवैध खरीद–फरोख्त किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि कोरल की आपूर्ति कहां से आती थी और आगे किसे बेचा जाता था—इन दोनों पहलुओं पर तेजी से जांच की जा रही है।
साकची जैसे व्यस्त इलाके में तस्करी, बढ़ता दुस्साहस
साकची जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में होटल को तस्करी का अड्डा बनाना वन्यजीव अपराधियों की बढ़ती हिम्मत को दिखाता है। समुद्री कोरल का अवैध व्यापार न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि समुद्री पारिस्थितिकी के लिए बड़ा खतरा भी है। जमशेदपुर में पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, इसलिए विभाग इस केस को बेहद गंभीरता से ले रहा है। वन विभाग ने साफ किया है कि इस नेटवर्क के सभी सिरों तक पहुंचने के लिए आगे और भी कार्रवाइयाँ होंगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

