फॉण्ट कनवर्टर NEW

Advertisement
Advertisement

जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने बाल विवाह पर जागरूकता अभियान चलाया

Ranchi : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर और न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष के मार्गदर्शन में गुरुवार को कांटाटोली चौक स्थित होटल जेनिस्टा ईन में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) और स्पार्क एनजीओ के संयुक्त

अपनी भाषा में पढ़ें

Advertisement

Ranchi : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर और न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष के मार्गदर्शन में गुरुवार को कांटाटोली चौक स्थित होटल जेनिस्टा ईन में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) और स्पार्क एनजीओ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, स्पार्क एनजीओ के सचिव एच.आई. फातमी, को-ऑर्डिनेटर मो. शमशाद, पीएलवी लता कुमारी, युधिष्ठिर महतो सहित कई सदस्य उपस्थित थे।
डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने प्रतिभागियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में गंभीर बाधा उत्पन्न करता है। विशेषकर लड़कियाँ कम उम्र में शिक्षा से वंचित हो जाती हैं और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह अधिनियम के तहत दोषियों पर कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है। सिन्हा ने विवाह पंजीकरण की अनिवार्यता पर जोर देते हुए झारखंड कंपलसरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिज एक्ट-2017 की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चाहे विवाह हाल में हुआ हो या वर्षों पहले, सभी विवाहित दंपतियों को विवाह पंजीकरण अवश्य कराना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने स्पेशल मैरिज एक्ट-1954 और हिंदू मैरिज एक्ट-1955 के प्रमुख प्रावधानों की भी विस्तृत जानकारी दी। सिन्हा ने कहा कि बाल विवाह उन्मूलन डालसा का प्रमुख लक्ष्य है और इसके लिए नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम एवं नुक्कड़-नाटक आयोजित किए जाते हैं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram