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Chatra News: चतरा में मेडिकल शिक्षा की एक महत्वपूर्ण उम्मीद थी- ANM कॉलेज। लेकिन यह उम्मीद फिलहाल अधूरी दीवारों और उगी हुई झाड़ियों के बीच कहीं खो गई है। वजह उतनी ही चौंकाने वाली है- निर्माण कराने वाला संवेदक दो करोड़ रुपये का भुगतान लेकर गायब हो गया।
5 एकड़ में तैयार हो रहा था कॉलेज और हॉस्टल
शहर के टेलीफोन एक्सचेंज रोड पर, भवन प्रमंडल कार्यालय के ठीक बगल में ANM कॉलेज और 100 सीटों वाले हॉस्टल का निर्माण 2019 में शुरू हुआ था। हेल्थ मेडिकल एजुकेशन एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट की यह बड़ी योजना 8 करोड़ 44 लाख की लागत से तैयार होनी थी। शुरुआती चरण में 3 करोड़ 44 लाख रुपये भी जारी कर दिए गए थे।
लेकिन संवेदक- गिरिडीह की कंस्ट्रक्शन कंपनी एमएस राजू शर्मा– ने केवल ढलाई और ब्रिक्स का कुछ काम कराकर दो करोड़ रुपये का पेमेंट ले लिया और फिर 2024 के अक्टूबर के बाद से साइट पर लौटकर नहीं देखा। अब स्थिति यह है कि आधा बना कॉलेज भवन जंगल जैसा दिखने लगा है।
योजना रुकते ही बढ़ी चिंता, स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
चतरा में पहले से ही स्वास्थ्यकर्मियों की काफी कमी है। अगर यह कॉलेज समय पर शुरू होता, तो जिले को हर साल प्रशिक्षित ANM और जीएनएम कर्मियों की एक पूरी नई फौज मिल सकती थी। स्थानीय युवाओं को भी मेडिकल शिक्षा का बड़ा मौका मिलता। लेकिन निर्माण रुकने से यह पूरा सपना अधर में लटक गया है।
कंपनी ब्लैकलिस्ट, नया डीपीआर तैयार हो रहा
भवन निगम लिमिटेड के सहायक अभियंता विजय कुमार बताते हैं कि कंपनी ने बिना जानकारी दिए काम बंद किया, इसलिए विभाग ने उसका एग्रीमेंट रद्द कर उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अब कॉलेज के बचे हुए काम के लिए नया डीपीआर तैयार किया जा रहा है, ताकि दूसरी एजेंसी को काम सौंपकर योजना को फिर से शुरू किया जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर काम जल्द नहीं शुरू हुआ, तो बरसात तक अधूरा ढांचा और भी खराब हो जाएगा।

