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Ranchi : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी की ओर से बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम केसरी की जयंती मनाई गई। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, कांग्रेस भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनकी प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने की। इस अवसर पर कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। सभी ने दोनों महान हस्तियों के संघर्ष, त्याग और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन देश सेवा की अद्वितीय मिसाल है।
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने इंदिरा गांधी को नारी शक्ति और अटूट साहस का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति की प्रतीक थीं। धर्मनिरपेक्षता, सर्वधर्म समभाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
कमलेश ने कहा कि भुवनेश्वर की सभा में दिए गए इंदिरा गांधी के अंतिम शब्द— “मैं रहूं या ना रहूं, मेरा एक-एक कतरा देश के काम आएगा”—आज भी करोड़ों भारतीयों के हृदय में जीवंत हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के चार मूल मंत्र दूरदृष्टि, पक्का इरादा, कड़ी मेहनत और अनुशासन आज भी उतने ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस संगठन को नई दिशा मिली और भारत को विश्व स्तर पर विकासशील देशों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।
वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने सीताराम केसरी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका राजनीतिक सफर एक साधारण कार्यकर्ता से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचने की प्रेरक कथा है। उन्होंने कहा कि केसरी ने संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनका सरल, संघर्षशील और समर्पित जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक है।
इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू, मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी, मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव, मार्केटिंग बोर्ड चेयरमैन रवीन्द्र सिंह, सुनील सिंह, कार्यालय सह-प्रभारी राजन वर्मा, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य नरेश वर्मा, जगदीश साहू, रमा खालखो, निरंजन पासवान सहित कई कांग्रेस नेता उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में दोनों नेताओं की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया और सामाजिक सौहार्द, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

