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Ranchi News: समाहरणालय ब्लॉक-ए में स्थित सामान्य शाखा कार्यालय में आज एक विशेष हलचल देखी गई, जब उपायुक्त (DC) -सह-जिला दण्डाधिकारी (DC) मंजूनाथ भजन्त्री ने औचक निरीक्षण किया। सुबह जैसे ही उपायुक्त (DC) कार्यालय पहुंचे, कर्मचारियों में अचानक उत्सुकता एवं हलचल बढ़ गई। निरीक्षण की जानकारी किसी को पूर्व में नहीं थी, जिससे वातावरण में गंभीरता छा गई।
औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिले लिपिक
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त (DC) ने कार्यालय के विभिन्न दस्तावेज और उपस्थिति रजिस्टर की गहन जांच की। इसी क्रम में पता चला कि सामान्य शाखा में पदस्थापित निम्न वर्गीय लिपिक प्रणय प्रतीक अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं थे। उन्होंने न कोई पूर्व सूचना दी थी, और न ही अनुपस्थिति की कोई अनुमति ली थी। यह स्पष्ट रूप से कार्यालयीय अनुशासन का उल्लंघन था।
उपायुक्त (DC) का सख्त निर्देश: अनुशासन सर्वोपरि
उपायुक्त (DC) भजन्त्री ने मौके पर ही प्रणय प्रतीक को अनुशासनहीनता एवं कर्तव्य लापरवाही के लिए तत्काल कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी कर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में बिल्कुल भी ढिलाई नहीं बरती जाएगी और जिम्मेदार कर्मचारियों पर यथोचित कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त (DC) ने कहा, “सरकारी कार्यालयों की व्यवस्था और जनता की सेवा सर्वोपरि है। किसी प्रकार की अनुशासनहीनता या लापरवाही को कतई सहन नहीं किया जाएगा।”
कार्यालय निरीक्षण के दौरान उपायुक्त (DC) ने अन्य उपस्थित कर्मचारियों को भी चेतावनी दी कि समयबद्धता एवं जिम्मेदारी का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आगामी दिनों में सभी कार्यालयों एवं शाखाओं का इस प्रकार औचक निरीक्षण लगातार किया जाएगा। उनके मुताबिक यह कदम सरकारी कार्यसंस्कृति को सुधारने और कार्यालयों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लिया गया है।
जिले भर में अनुशासन सुधारने की पहल
रिपोर्टर को सूत्रों से जानकारी मिली कि उपायुक्त (DC) के इस औचक निरीक्षण से अन्य कार्यालय शाखाओं में भी तनाव और जागरूकता दोनों बढ़ गए हैं। कई कर्मचारी अपने कार्य स्थान पर अधिक सजग हो गए हैं और समय की पाबंदी पर ध्यान भी रखने लगे हैं। आम जनता की नजर में यह कार्रवाई अधिकारियों की जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ाने का संकेत है।
उपायुक्त (DC) भजन्त्री ने निरीक्षण के बाद मीडिया को बताया, “सरकारी कर्मचारी जनता के प्रति जवाबदेह हैं, उनकी उपस्थिति और समय पालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग में ऐसी गतिविधियां बार-बार की जाएंगी जिससे अनुशासन बना रहे और जनता को बेहतर सेवा मिले।”
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के औचक निरीक्षण से सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और जवाबदेही बढ़ती है। साथ ही कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होती है। जिले के अन्य सरकारी कार्यालयों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
राँची जिला प्रशासन की इस पहल को समाज में काफी सराहा जा रहा है। कई नागरिकों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कार्यालय जांच और तत्काल कार्रवाई की प्रशंसा की है। आगे ऐसे निरीक्षण और सख्त कदम राज्य भर के अन्य जिलों में भी अपनाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

