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Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के सदस्य डॉ. जमाल अहमद ने गुरुवार को शहंशाह-ए-हजारीबाग हुजूर दाता मदारा शाह रहमतुल्लाह अलैह के वार्षिक उर्स के अवसर पर उनकी दरगाह शरीफ में हाजिरी दी और चादरपोशी कर प्रदेश एवं देश की अमन-चैन की दुआ की।
इस अवसर पर डॉ. जमाल अहमद ने कहा कि औलिया-ए-किराम की शिक्षाएं समाज में भाईचारे, प्रेम और शांति का संदेश देती हैं। उन्होंने नौजवान पीढ़ी से आह्वान किया कि वे सूफी संतों के आदर्शों और उपदेशों से जुड़कर रहें, क्योंकि इन्हीं शिक्षाओं में इंसानियत और सामाजिक सद्भाव का असली मार्ग छिपा है। उन्होंने कहा कि दरगाह में आने से दिलों को ताजगी और आत्मा को सुकून प्राप्त होता है।
डॉ. अहमद ने आगे कहा कि इस मज़ार शरीफ की फ़ैज़ानियत (आध्यात्मिक ऊर्जा) सदियों से जारी है। यहां से हमेशा मोहब्बत, इंसानियत और अच्छाई का पैगाम पूरे समाज में फैलता रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब समाज में भेदभाव और तनाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं, ऐसे में औलिया-ए-किराम के रास्ते पर चलना ही इंसान को सही दिशा दे सकता है।
इस मौके पर बड़ी संख्या में ख़ुद्दाम-ए-मज़ार, अकीदतमंद और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने एकजुट होकर मुल्क में अमन, तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी। दरगाह परिसर को खूबसूरती से सजाया गया था और उर्स के मौके पर क़व्वाली एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें स्थानीय और बाहर से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने कहा कि हजरत शाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर आना आत्मिक सुकून देने वाला अनुभव है। यहां हर धर्म, जाति और वर्ग के लोग एक साथ इकट्ठा होकर मोहब्बत और एकता का संदेश फैलाते हैं।
वार्षिक उर्स के अवसर पर प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात की समुचित व्यवस्था की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

