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Ranchi News: रांची की सड़कों पर कोई नहीं सोच सकता था कि इंस्टाग्राम जैसा लाइफस्टाइल जीने वाली एक मॉडल जैसी दिखने वाली लड़की, असल में शहर के सबसे खतरनाक नशा नेटवर्क की मास्टरमाइंड होगी। लेकिन पुलिस की बारीक प्लानिंग और रातभर के ऑपरेशन ने आखिरकार उस पर से नकाब उतार दिया। यह कहानी है शाइस्ता परवीन, उर्फ सेजल खान, उर्फ सेजल गुप्ता की- जिसे लोग ग्लैमरस समझते थे, लेकिन असल में वह जहरीले नशे का कारोबार चला रही थी।
यह ऑपरेशन बस एक गिरफ़्तारी नहीं, बल्कि रांची में पनप रहे सप्लाई चैन का बड़ा खुलासा है, जिसमें न सिर्फ यह युवती, बल्कि उसका पूरा परिवार शामिल निकला।
रातू रोड का जाल और पुलिस की प्लांड रेड
पिछले कुछ हफ्तों से सुखदेव नगर और रातू रोड इलाके में ब्राउन शुगर की सप्लाई बढ़ने लगी थी। पुलिस को कई गुप्त शिकायतें मिल रही थीं- “देर रात बाइक से पैकेट आते हैं, लड़के बदल-बदल कर उठा लेते हैं”। मंगलवार रात एक खुफिया इनपुट ने पूरी टीम को एक्टिव कर दिया- “सासाराम से माल आ चुका है और रातू रोड पर डिलीवरी होगी।”
रांची SP राकेश रंजन ने तुरंत टीम बना दी। कोतवाली DSP प्रकाश सोय और सुखदेव नगर थाना पुलिस सादे कपड़ों में स्पॉट पर तैनात हो गई। घड़ी में रात के 10:30 बज रहे थे। टेम्पो स्टैंड के पास एक लड़की मोबाइल हाथ में पकड़कर इधर-उधर देख रही थी। उसके पास धीरे-धीरे तीन-चार युवक आए। पुलिस को शक हुआ, टीम नज़दीक बढ़ी और तभी भगदड़ मच गई।
लड़के भाग निकले, लेकिन लड़की पकड़ी गई। नाम पूछा गया तो पहले हकलाहट, फिर बोल पड़ी- “मैं शाइस्ता परवीन… लोग मुझे सेजल खान या सेजल गुप्ता कहते हैं।” उसके बैग से करीब 100 ग्राम ब्राउन शुगर निकली। वो चुप नहीं रह सकी, टूट गई।
“पूरा परिवार इस धंधे में…”- शाइस्ता का कबूलनामा
पूछताछ में उसने पुलिस को जो बताया, उसने अफसरों को भी चौंका दिया- “सारा घर इस काम में है। माल सासाराम से आता है। यहां हम सब बेचते हैं।” पुलिस तुरंत उसकी निशानदेही पर उसके घर एदलहातू पहुंची। वहाँ से उसके पिता मो. सरवर गिरफ्तार हुए। घर की तलाशी में ₹2,65,500 नगद और 11 ग्राम ब्राउन शुगर मिली। इसके बाद टीम रातू के अलकमर कॉलोनी पहुँची। यहाँ उसकी बहन शगुफ्ता उर्फ मुस्कान और बहनोई राजू को पकड़ा गया। उनके पास से 37 ग्राम ब्राउन शुगर और ₹11,720 मिले।
कुल बरामदगी:
140 ग्राम ब्राउन शुगर + ₹2,77,220 कैश
मॉडलिंग और सोशल मीडिया- असली चेहरा छुपाने का तरीका
इस केस में सबसे चौंकाने वाली बात है कि शाइस्ता सोशल मीडिया पर खुद को मॉडल और फैशन इनफ्लुएंसर दिखाती थी। महंगे कपड़े, सैलून, फोटोशूट- सबकुछ दिखता था। आसपास के लोग कहते हैं-“हम तो सोचते थे ये कोई मॉडर्न काम करती है, कभी अंदाज़ा नहीं था कि नशा बेचती है।” आजकल रील्स और ग्लैमर के टाइम में क्राइम भी कितनी आसानी से फेस बदल सकता है, इसका यह बड़ा उदाहरण है।
सप्लायर्स तक पहुंचेगी पुलिस
शाइस्ता ने दो बड़े नाम बताए-
बबन साह उर्फ मौसाजी
सूरज कुमार
(दोनों सासाराम, बिहार निवासी)
शहर SP पारस राणा ने साफ कहा-
“ये सिर्फ शुरुआत है। बड़े सप्लायर तक पहुँचेंगे। रांची में कोई नशा बेचेगा तो जेल तय है।”
पड़ोसियों की हैरानी और परिवार की चुप्पी
पड़ोस में लोग कहते हैं- “लड़की बोलचाल में सामान्य थी, अक्सर चुप रहती थी, पर कभी शक नहीं हुआ।” परिवार के लोग फिलहाल मीडिया से दूर हैं। पुलिस मोबाइल डाटा, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है। यह गैंग शहर के कई पॉश इलाकों में महंगे दामों पर नशा बेचता था।
अब क्या?
सासाराम में रेड की तैयारी
रांची में और नाम सामने आने की संभावना
गिरोह के ग्राहकों की सूची तैयार
इस केस ने शहर में नशे के नेटवर्क की गहराई दिखा दी है। युवाओं में जिस तरह ब्राउन शुगर का चलन बढ़ा है, शाइस्ता जैसे लोग उसका फायदा उठा रहे थे।

