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Ranchi : सूर्य उपासना के पवित्र पर्व छठ महापर्व की तैयारियाँ राजधानी रांची में पूरे जोरों पर हैं। हर ओर श्रद्धा, स्वच्छता और सहयोग की भावना देखने को मिल रही है। रांची नगर निगम की टीम दिन-रात मेहनत कर यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रद्धालु निर्बाध रूप से सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर सकें।
कांके डैम बना तैयारी का केंद्र
सुबह की हल्की धूप में कांके डैम का नजारा मनमोहक है, सफाईकर्मी झाड़ू लेकर घाट की ओर बढ़ते दिखाई देते हैं, कहीं तालाब से गाद निकाली जा रही है तो कहीं पत्थर बिछाकर भूमि को समतल किया जा रहा है। निगम की अभियंत्रण शाखा पूरी सतर्कता से घाटों की मरम्मत और सुरक्षा की निगरानी कर रही है।
एक महिला सफाईकर्मी मुस्कुराते हुए कहती हैं-“हम खुद छठ व्रत रखते हैं, लेकिन पहले घाट की सफाई करते हैं ताकि और लोग आसानी से पूजा कर सकें।” यह भाव बताता है कि यह केवल सरकारी काम नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण की भावना है।
तालाबों की नई रौनक और तैयारी का विस्तार
रांची के लगभग सभी प्रमुख तालाब-अरगोड़ा, पुंदाग, टेतर टोली, बटन, मधुकम, जगन्नाथपुर और बड़ा तालाब नए रूप में सज रहे हैं। मधुकम तालाब में अतिरिक्त जल निकासी के लिए मोटरें लगातार चल रही हैं, जबकि बड़ा तालाब में सुपर सकर मशीन से सफाई जारी है। तालाब किनारे की मिट्टी बिछाकर सुरक्षित घाट बनाए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
चुनौतियों के बीच निगम की प्रतिबद्धता
लगातार बदलते मौसम, स्थल की ढलान और सीमित संसाधनों के बावजूद रांची नगर निगम की टीमें लगातार कार्यरत हैं। अस्थायी प्रकाश व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता और घाटों तक जाने वाले मार्गों की मरम्मत का काम तेज़ी से चल रहा है।
आस्था और प्रशासन का मेल
इस बार छठ की तैयारियों में स्थानीय लोगों और छठ समितियों की भागीदारी भी बढ़ी है। नगर निगम सफाई अभियान और जनजागरूकता के माध्यम से सभी से सहयोग की अपील कर रहा है। छठ के दिन जब सूर्य की किरणें घाट के जल पर झिलमिलाएँगी, तब वह सिर्फ आस्था का प्रतीक नहीं होंगी, बल्कि रांची नगर निगम की मेहनत और शहरवासियों के सहयोग की भी झलक दिखाएँगी।

