अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
World News: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच अलास्का में हुई बैठक पर दुनिया भर की नजरें थीं। यह मीटिंग भले ही रूस और यूक्रेन का युद्ध अभी रुकवा नहीं पाई हो लेकिन दोनों पक्षों की तरफ से इस मीटिंग को प्रोडक्टिव बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मीटिंग के पहले ट्रंप ने अपनी पत्नी मेलेनिया द्वारा लिखा एक खत राष्ट्रपति पुतिन को अपने हाथों से दिया। इस खत में उन्होंने यूक्रेन के अगली पीढ़ी के लिए हमले रोकने की अपील की।
रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने जैसे ही यह खत पुतिन को दिया। उन्होंने बिना कोई समय गंवाए वहीं पर इसे पढ़ना शुरू कर दिया। इस पत्र को अब सार्वजनिक कर दिया है। इसमें अमेरिका की प्रथम महिला ने लिखा, हर बच्चे के दिन में एक जैसे शांत सपने होते हैं। वह ग्रामीण, शहरी क्षेत्र में या किसी भी देश में पैदा हुआ हो। वह केवल प्यार, संभावना और खतरे से सुरक्षा के सपने देखते हैं। माता-पिता होने के नाते… अगली पीढ़ी की इस आशा को पोषित करना और उसे बनाए रखना हमारा कर्तव्य है। अपने-अपने देशों के नेताओं के रूप में हमारी जिम्मेदारी कुछ और आगे तक है।
उन्होंने लिखा, बिना किसी शक के मैं यह कह सकती हूं कि हम सभी को एक गरिमापूर्ण विश्व की कल्पना करनी चाहिए। ताकि हर इंसान शांति के साथ जाग सके और भविष्य पूरी तरह से सुरक्षित रहे। प्रथम महिला ने लिखा, राष्ट्रपति पुतिन मुझे इस बात का यकीन है कि आप भी इस बात से सहमत होंगे कि प्रत्येक पीढ़ी के वंशज अपने जीवन की शुरुआत पवित्रता के साथ करें। एक मासूमियत के साथ, जिसमें भूगोल, सरकार या किसी विचारधारा का कोई हस्तक्षेप न हो। आज की दुनिया में कुछ बच्चे अपने आस-पास के अंधेरे में, अपनी हंसी को शांत रखने के लिए मजबूर हैं। राष्ट्रपति पुतिन आप अकेले ही इन बच्चों को उनकी प्यारी हंसी वापस कर सकते हैं। इन बच्चों की रक्षा करके आप केवल रूस की ही सेवा नहीं करेंगे, बल्कि आप मानवता की सेवा भी करेंगे।
अपनी बात को खत्म करते हुए मेलेनिया ने कहा, ऐसा साहसिक विचार सभी मानवीय भेदभावों से परे है और आप केवल पेन के एक झटके से इस बात को लागू कर सकते हैं। अमेरिका की प्रथम महिला के इस खत को सार्वजनिक करते हुए अटॉर्नी जनरल पाम बांडी ने लिखा, वह हर अमेरिकी के दिल की बात को कहती हैं और एक ऐसे विश्व का आह्वान कर रही हैं, जहां चाहे कहीं भी पैदा हुए बच्चे शांति के साथ रह सकें।

