Ranchi News : योग शिक्षिका राफिया नाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को अदालत से बड़ा झटका लगा है। सिविल कोर्ट रांची के एमपी/एमएलए मामलों के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत ने उनकी सशरीर उपस्थिति से छूट की याचिका खारिज कर दी है।
यह याचिका मंत्री की ओर से 23 मई को दाखिल की गई थी, जिस पर दोनों पक्षों की अंतिम सुनवाई 5 जुलाई को हुई, और अब अदालत ने साफ कर दिया कि मंत्री को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना होगा।
शिकायतकर्ता राफिया नाज के वकील जितेंद्र कुमार वर्मा ने तर्क दिया कि मंत्री का मुख्यालय राजधानी रांची में ही है और कोर्ट से निकटता के कारण उपस्थिति से छूट की कोई वैध वजह नहीं बनती। दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने छूट की मांग पर लंबी बहस की, लेकिन अंततः याचिका खारिज हो गई।
यह मामला 19 अगस्त 2020 का है, जब राफिया नाज ने मंत्री इरफान अंसारी के खिलाफ एक निजी न्यूज चैनल पर उनके पहनावे को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शिकायतवाद दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे उनकी छवि धूमिल हुई और धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
कोर्ट ने मामले में मानहानि, शांति भंग करने के प्रयास और स्त्री लज्जा भंग जैसे गंभीर धाराओं में संज्ञान लेते हुए समन जारी किया है।
राफिया नाज पर टिप्पणी मामले में मंत्री इरफान अंसारी को झटका, कोर्ट में करनी होगी पेशी
Ranchi News : योग शिक्षिका राफिया नाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को अदालत से बड़ा झटका लगा है। सिविल कोर्ट रांची के एमपी/एमएलए मामलों के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत ने उनकी सशरीर उपस्थिति से छूट
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Ranchi News : योग शिक्षिका राफिया नाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को अदालत से बड़ा झटका लगा है। सिविल कोर्ट रांची के एमपी/एमएलए मामलों के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत ने उनकी सशरीर उपस्थिति से छूट की याचिका खारिज कर दी है।
यह याचिका मंत्री की ओर से 23 मई को दाखिल की गई थी, जिस पर दोनों पक्षों की अंतिम सुनवाई 5 जुलाई को हुई, और अब अदालत ने साफ कर दिया कि मंत्री को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना होगा।
शिकायतकर्ता राफिया नाज के वकील जितेंद्र कुमार वर्मा ने तर्क दिया कि मंत्री का मुख्यालय राजधानी रांची में ही है और कोर्ट से निकटता के कारण उपस्थिति से छूट की कोई वैध वजह नहीं बनती। दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने छूट की मांग पर लंबी बहस की, लेकिन अंततः याचिका खारिज हो गई।
यह मामला 19 अगस्त 2020 का है, जब राफिया नाज ने मंत्री इरफान अंसारी के खिलाफ एक निजी न्यूज चैनल पर उनके पहनावे को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शिकायतवाद दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे उनकी छवि धूमिल हुई और धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
कोर्ट ने मामले में मानहानि, शांति भंग करने के प्रयास और स्त्री लज्जा भंग जैसे गंभीर धाराओं में संज्ञान लेते हुए समन जारी किया है।
Muzaffar Hussain
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